Abdul Ghaffar Khan Biography in Hindi | अब्दुल गफ्फार खा की जीवनी

Abdul Ghaffar Khan Biography in Hindi

Abdul Ghaffar Khan Biography in Hindi

अखंड भारत  के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी नेता खान अब्दुल गफ्फार खां (Abdul Ghaffar Khan) का जन्म तत्कालीन पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत में 1890 में हुआ था | सीमा-प्रान्त के पठानों ने अंग्रेजो की दासता का सदा विरोध किया | अब्दुल गफ्फार खां (Abdul Ghaffar Khan) के परदादा आबेदुल्ला खां को इसके लिए प्राण दंड की सजा भोगनी पड़ी थी | इनके दादा सैफुल्ला खां भी जीवन भर विदेशी सत्ता से मोर्चा लेते रहे | इनको देशभक्ति का पाठ इसी पारिवारिक परिवेश से मिला | पिता बैरम खा ईश्वर भक्त और धर्मनिष्ठ अधिक थे | उन्होंने पारिवारिक परम्परा से हटकर अब्दुल गफ्फार खा और उनके भाई की शिक्षा का प्रबंध किया और उन्होंने मिशनरी स्कूल और अलीगढ़ में शिक्षा प्राप्त की |

1919 में फ़ौजी कानून लागू होने पर गफ्फार खा (Abdul Ghaffar Khan) को गिरफ्तार कर लिया गया | जेल में उनको देश के अन्य देशभक्तों के सम्पर्क में आने तथा सिख और हिन्दू धर्म ग्रंथो का अध्ययन करने का अवसर मिला | अब उनका कार्यक्षेत्र विस्तृत होता गया | गांधीजी के प्रभाव से उन्होंने अपने प्रदेश में “खुदाई खिदमतगार” संघठन बनाया और युद्धप्रिय पठानों को अहिंसा के मार्ग में लाने में सफलता पायी | इसी कारण वे “सीमांत गांधी” के नाम से भी प्रसिद्ध हुए | 1937 के चुनाव में उनके प्रभाव से पश्चिमोत्तर प्रांत में कांग्रेस की विजय प्राप्त हुयी और उनके भाई डा.खान साहब वहा के पहले मुख्यमंत्री बने |

अब्दुल गफ्फार खां (Abdul Ghaffar Khan) की गणना देश के चोटी के नेताओं में होती थी | लोग उन्हें आदर और स्नेहवश “बादशाह खान” या “बाचा खान” के नाम से सम्बोधित करते थे | वे कांग्रेस की निति निर्धारक कार्यसमिति के सदस्य रहे | जिन्ना की देश विभाजन की निति का उन्होंने सदा विरोध किया | देश के बंटवारे के समय उन्होंने कहा था “मुझे भेडियो के बीच डाल दिया गया है” | विभाजन के बाद जब उनका प्रदेश पाकिस्तान में सम्मिलित कर दिया गया तो बादशाह खा ने अलग “पखतुनिस्तान” की स्थापना के लिए आन्दोलन चलाया |

इसके लिए उन्हें अपने जीवन के लगभग 40 वर्ष पाकिस्तान की जेलों में बिताने पड़े | 1988 में जब उनका देहांत हुआ तो उनकी इच्छा का सम्मान करते हए उनका शव पाकिस्तान के बदले अफगानिस्तान की भूमि में दफनाया गया | उनकी देश सेवाओं के सम्मान में भारत सरकार ने अब्दुल गफ्फार खां (Abdul Ghaffar Khan) को भारत रत्न की उपाधि प्रदान की |

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