सिकन्दर महान के जीवनी | Alexander the Great Biography in Hindi

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सिकन्दर महान के जीवनी | Alexander the Great Biography in Hindi
सिकन्दर महान के जीवनी | Alexander the Great Biography in Hindi

प्राचीन जगत विजेता सिकन्दर (Alexander) का जन्म 356 ईस्वी पूर्व मकदूनिया में हुआ था | उनके पिता राजा फिलिप तथा माँ ओल्म्पियास थी जिसके पुत्र को हमेशा यही सिखाया गया कि वह अकिलीस और हर्कुलस का वंश था | अल्पायु में ही सिकन्दर (Alexander) ने के महान शासन बनने की शिक्षा पायी | 13 वर्षीय सिकन्दर (Alexander) ग्रीक दार्शनिक अरस्तु के शिष्य बने | इसी दौरान उन्हें दर्शन ,औषधि एवं विज्ञान में रूचि उत्पन्न हुयी हालांकि अरस्तु की छोटे राज्यों की अवधारणा उनके गले नही उतरी क्योंकि वो तो पुरी दुनिया पर वर्चस्व स्थापित करना चाहते थे |

यद्यपि अरस्तु ने उनमें पठन पाठन में रूचि जागृत की | 16 वर्ष की आयु में उन्हें मकदूनिया बुलाया गया ताकि वे पिता की अनुपस्थिति में विद्रोही थारकिचन का मुकाबला कर सके | उन्होंने विद्रोही का सिर कुचलने में देरी नही की | 336 ईस्वी पूर्व में पिता की हत्या के बाद 20 वर्षीय सिकन्दर (Alexander) ने गद्दी सम्भाली तथा दो वर्ष में ही विश्व विजय अभियान आरम्भ कर दिया | सेना छोटी किन्तु सक्षम थी | सेना के साथ साथ इंजिनियर ,शोधकर्ता , वास्तुकार ,वैज्ञानिक और इतिहासवेत्ता भी चलते |

पहला युद्ध फारसी सेना के साथ लड़ा गया | उनके राजा ने अपना युद्ध कौशल दिखाया किन्तु पराजित रहा | फिर सिकन्दर (Alexander) ने दक्षिण का रुख किया केवल टायर के द्वीप शहर से प्रतिरोध उठा | सात माह तक युद्ध विराम रहा और अंतत: टायर का भी विनाश हो गया | गाजा को जीतकर वे मिस्त्र पहुचे तो लोगो ने स्वागत किया | 331 ईस्वी पूर्व में वे तीसरी बार फारसियो से मिले | सिकन्दर ने उनके महल को जला दिया | लोगो को अपना प्रभुत्व स्वीकारने के लिए विवश कर दिया |

फिर वो सिन्धु नदी पार करके भारतीय राजा पोरस से मिले | भयंकर युद्ध हुआ किन्तु पोरस विजय न पा सका | उसने आत्मसमर्पण कर दिया और मित्र राष्ट्र बन गया | आठ साल के अभियान के बाद सिकन्दर (Alexander) ओर भे आगे जाना चाहते थे किन्तु सेना ने हथियार डाल दिए | वो अपने परिवारों के पास लौटना चाहते थे वैसे वो सेना का बहुत ध्यान रखते थे | घायल सैनिको का इलाज करवाते | उनके अंतिम संस्कार की पुरी व्वयस्था होती |सैनिक खाली समय में खेल तथा प्रतियोगिताओ से मन बहलाते तो वे भी उनका साथ देते |

बेबीलोन लौटकर विजेता ने अपना सिंहासन सम्भाला | वो बहुत अधिक मदिरापान करने लगे थे | एक दिन मदमत्त होकर आवेश में अपने निकट सहयोगी की जान ली ली | उनका यह कृत्य उन्हें आजीवन शर्मिंदा करता रहा | 332 ईस्वी पूर्व उन्हें मलेरिया हो गया और कुछ ही दिन में 32 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया |

सिकन्दर का जीवन एक नजर में | Alexander Facts in Hindi

जन्म 20 या 21 जुलाई 356 ईसा पूर्व
जन्म स्थान पेला, मेसीडॉन, प्राचीन मिस्त्र
मृत्य 10 या 11 जून 323 ईसा पूर्व (आयु 32)
मृत्यु स्थान बेबीलोन
पत्नियाँ रोक्साना
फारस की स्टेतिरा द्वीतीय
फारस की पेरीसैटिस II
सन्तान अलेक्सेंडर चतुर्थ
कुल Argead
पिता फिलिप द्वीतीय
माता एपिरस की ओलंपियास
धर्म Greek polytheism
मेसीडोनिया के राजा के रूप में शासनकाल
शासनकाल 336–323 BC
पूर्वाधिकारी फिलिप द्वीतीय
उत्तराधिकारी अलेक्सेंडर चतुर्थ
फिलिप तृतीय

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