क्रांतिकारी अल्लूरी सीताराम राजू की जीवनी | Alluri Sitarama Raju Biography in Hindi

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Alluri Sitarama Raju Biography in Hindi
Alluri Sitarama Raju Biography in Hindi

आंध्रप्रदेश के महान क्रांतिकारी अल्लूरी सीताराम राजू (Alluri Sitarama Raju) का जन्म 15 मई 1897 को पश्चिमी गोदावरी जिले में एक क्षत्रिय परिवार में हुआ था | उन्हें औपचारिक शिक्षा बहुत कम मिल पायी और अपने एक संबधी के सम्पर्क से वे आध्यात्म की ओर आकृष्ट हुए और 18 वर्ष की उम्र में साधू बन गये | 1920 में उन पर गांधीजी के विचारों का प्रभाव पड़ा और उन्होंने आदिवासियों को मद्यपान छोड़ने तथा अपने विवाद पंचायतो को हल करने की सलाह दी |

किन्तु जब एक वर्ष में स्वराज्य का गांधीजी का स्वप्न साकार नही हुआ तो राजू (Alluri Sitarama Raju) अपने अनुयायी आदिवासियों की सहायता से अंग्रेजो के विरुद्ध सशस्त्र विदोह करके स्वतंत्र सत्ता स्थापित करने के प्रयत्न आरम्भ कर दिए | आरम्भ में उनका मुख्य उद्देश्य पुलिस थानों पर आक्रमण करके वहा से शस्त्रास्त्र छीनना था जिससे सशस्त्र विद्रोह को आगे बढाया जा सके | 22 अगस्त 1922 से मई 1924 तक राजू के दल ने दसियों पुलिस थानों पर कब्जा करके हथियार लुट लिए |

पुलिस को हर बार उनकी संघठित शक्ति के सामने पराजित होकर भागना पड़ा | यहा तक कि स्थिति आ गयी कि सरकार ने थानों में हथियार रखना ही बंद कर दिया | मलावार से पुलिस बुलाई गयी पर वह भी राजू के दलों के सामने नही टिक सकी | अंत में सेना बुलानी पड़ी | उसने पहले राजू के प्रमुख सहयोगियों को पकड़ा और अंत में 7 मई 1924 को अल्लूरी राजू (Alluri Sitarama Raju) भी उसकी पकड़ में आ गये | उन्होंने सेना की पकड़ से भी निकल भागने का प्रयत्न किया तो इसी में गोली मार दी गयी | इस प्रकार लगभग दो वर्षो तक ब्रिटिश सत्ता की नींद हराम करने वाला यह वीर शहीद हो गया |

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