Andre Marie Ampere Biography in Hindi | विद्युतधारा के विशेषज्ञ आंद्रे अम्पीयर की जीवनी

Andre Marie Ampere Biography in Hindi | विद्युतधारा के विशेषज्ञ आंद्रे अम्पीयर की जीवनीएम्पीयर के नाम से सभी विद्यार्थी आरम्भिक कक्षाओं से ही अवगत हो जाते है क्योंकि इन्ही के नाम पर विद्युतधारा की इकाई प्रचलित है | विद्युतधारा की इकाई एम्पीयर सारी दुनिया में प्रयोग की जाती है और बच्चो को शुरू से पढाई जाती है | फ्रांस में 20 जनवरी 1775 को जन्मे इस वैज्ञानिक आंद्रे अम्पीयर (Andre Marie Ampere) का भौतिकी और गणित में विशेष रुझान था | सन 1814 में साइंस आकादमी के सदस्य चुने गये | यह सदस्यता उन्हें गणित की अपूर्व प्रतिभा के कारण मिली थी |

अम्पीयर (Andre Marie Ampere) की दिलचस्पी विद्युत संबधी अध्ययनों में बहुत ज्यादा थी | वो अपनी प्रयोगशाळा में विद्युत चालित खिलौनों पर कोई ना कोई प्रयोग करते रहते थे | शुरू में इन्होने इलेक्ट्रो डायनमो पर कार्य किया | एम्पीयर (Andre Marie Ampere) ने यह खोजा कि जब दो समानांतर तारो में विद्युतधारा एक ही दिशा में बहती है तो उन तारो में आकर्षण होता है | इसी प्रका यदि दो समानांतर तारो में विद्युतधारा विपरीत दिशाओं में बहती है तो इन दोनों तारो के बीच प्रतिकर्षण होता है |

उन्होंने सर्वप्रथम यह भी अविष्कार किया कि यदि किसी कुण्डली से विद्युतधारा गुजारी जाए तो वह कुंडली चुम्बक बन जाती है | इस प्रकार की कुंडली को सालीनाइड कहते है | अम्पीयर के प्रयोगों से यह सिद्ध हो गया कि विद्युतधाराओं का वही प्रभाव होता है जो चुम्बको का होता है | इन्होने एस्तेटिक नीडल का अविष्कार किया जो विद्युतधारा  मापने के काम आती है  आम्पीयर ने बाताया कि पृथ्वी का चुम्बकत्व , पृथ्वी के केंद्र से बहने वाली विद्युतधाराओं के कारण होता है |

इन्ही के  नाम पर विद्युतधारा की इकाई एम्पीयर आज प्रयोग की जाती है | सन 1836 में इस महान वैज्ञानिक (Andre Marie Ampere) की मृत्यु हो गयी | इन्हें हम कभी नही भुला पायेंगे | अम्पीयर (Andre Marie Ampere) ने विद्युतधारा से सम्बन्धित अनेक कार्य किये | विद्युत के क्षेत्र में अम्पीयर ने अपने कार्यो से बहुत नाम कमाया |  इनके नाम से प्रचलित एम्पीयर इकाई का कुलम्ब द्वारा दिए गये आवेश से गहरा संबध है |

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