अभिनेता अनिल कपूर की जीवनी | Anil Kapoor Biography in Hindi

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अभिनेता अनिल कपूर की जीवनी | Anil Kapoor Biography in Hindi
अभिनेता अनिल कपूर की जीवनी | Anil Kapoor Biography in Hindi

अनिल कपूर (Anil Kapoor) का जन्म 24 दिसम्बर 1956 को मुंबई के चेम्बूर इलाके में हुआ था | उनके पिता सुरिन्दर कपूर फिल्म निर्माता और माँ निर्मल कपूर गृहिणी थी | अपने चार भाई-बहनों में दुसरे नम्बर पर थे | अनिल कपूर के बड़े भाई बोनी कपूर फिल्म निर्माता है और उनका छोटा भाई संजय कपूर अभिनेता है | दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी और निर्माता मोना कपूर उनकी दोनों भाभिया थी | अनिल कपूर ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा Perpetual Succour High School और कॉलेज की शिक्षा St. Xavier’s College से की | 1984 में अनिल कपूर ने सुनीता भावनानी से शादी की जिससे उन्हें एक बेटा और दो बेटीया है | बड़ी बेटी सोनम कपूर अभिनेत्री और छोटी बेटी रिहा कपूर फिल्म निर्माता है जबकि उनके बेटे हर्षवर्धन कपूर ने हाल ही में फिल्मो में प्रवेश किया है |

अनिल कपूर का फ़िल्मी करियर

हालांकि अनिल कपूर (Anil Kapoor) ने 14 साल की उम्र में 1971 में “तू पायल मै गीत” फिल्म से अपने फिल्मी करियर की शुरुवात की थी जिसमे उन्होंने युवा शशि कपूर का किरदार निभाया था लेकिन दुर्भाग्यवश ये फिल्म पर्दे तक पहुच ही नही पायी | इसके बाद 1979 में “हमारे तुम्हारे” फिल्मे से उन्होंने हिंदी फिल्मो में डेब्यू किया जिसमे उन्होंने एक छोटा सा किरदार निभाया था | 1980 में एक तेलुगु फिल्म वंस वरुक्ष्म और दो हिंदी फिल्मो एक बार कहो और हम पांच में काम किया था | 1982 में अनिल कपूर ने एक कन्नड़ फिल्म में भी काम किया |

अनिल कपूर (Anil Kapoor) को पहला लीडिंग रोल 1983 की फिल्म “वो सात दिन” में मिला जिसमे उनके साथ पद्मिनी कोल्हापुरे और नसीरुद्दीन शाह थे | 1984 में मशाल फिल्म में पहली बार टपोरी का किरदार निभाकर बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई और इस फिल्म के लिए उन्हें सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला | उनका टपोरी वाला किरदार इसके बाद कई फिल्मो में नजर आया और वो उनकी एक अलग स्टाइल बन गयी जिसके लिए वो आज भी जाने जाते है | 1985 में उनकी दो फिल्मे आयी युद्ध और साहेब | युद्ध फिल्म में उनकी आइकोनिक लाइन “एक दम झक्कास” पहली बार दर्शको के कानो में सुनाई दी थी |

1985 में मेरी जंग में उन्होंने गुस्सैल युवा वकील का किरदार निभाया | इस तरह 1985 की सभी फिल्मो में उनके अभिनय की सराहना हुयी और बॉलीवुड में उनको पहचान मिली | 1986 में कर्मा फिल्म में अनिल कपूर ने मजाकिया टपोरी का किरदार निभाया जो उस साल की सबसे बड़ी हिट थी | 1986 में जांबाज में उन्होंने फेरोज खान के साथ काम किया | 1986 में इन्साफ की आवाज में रेखा के साथ मिलकर हिट फिल्म दी | इसी साल चमेली की शादी में अनिल कपूर ने अपने मजाकिया अंदाज से सबका मन मोह लिया |

1987 में अनिल कपूर (Anil Kapoor) को अपने करियर की सबसे बड़ी फिल्म मिस्टर इंडिया में काम करने का मौका मिला | जो ना केवल हिट हुई बल्कि अनिल कपूर को सुपरस्टार का स्टेटस भी मिला | 1988 में तेज़ाब फिल्म के लिए उनको फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर अवार्ड मिला जो उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म भी थी | इसके बाद अनिल कपूर ने रामावतार और विजय जैसी फ्लॉप फिल्मे बहे दी | 1989 में राम लखन फिल्म में अपने अलग अंदाज से One Two Ka Four गाने से पहचान बनाई | परिंदा फिल्मे उन्होंने हटकर किरदार निभाया | रखवाला फिल्म में फिर से टपोरी का किरदार निभाया | 1989 में ईश्वर फिल्म में उन्होंने अपने अभिनय में बदलाव भी किया |

1990 में किशन कन्हैया फिल्म एम् पहली बार उन्होंने डबल रोल किया | इसी साल घर हो तो ऐसा बॉक्स ऑफिस हिट फिल्म दी | माधुरी के साथ जमाई राजा और जीवन-एक सघर्ष में काम किया लेकिन दोनों फ्लॉप रही | इसके बाद यश चोपड़ा की लम्हे फिल्म में वो पहली बार बिना मूंछ के नजर आये लेकिन ये फिल्म नही चली | 1991 में बेनाम बादशाह बॉक्स ऑफिस पर औसत रही | 1992 में बेटा फिल्म के लिए उनको जीवन का दूसरा फिल्मफेयर अवार्ड मिला , जिसमे उन्होंने माधुरी दीक्षित के साथ काम किया था | 1993 में आयी रूप की रानी चोरो का राजा बॉक्स ऑफिस पर असफल रही जिससे उनकी छवि को नुक्सान पहुचा |

इसके बाद 1942-लव स्टोरी में फिर से अनिल कपूर ने जबर्दस्त अभिनय का परिचय दिया | 1995 में त्रिमूर्ति फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर असफल रही | कुछ बॉक्स ऑफिस फ्लॉप के बाद 1996 में लोफर फिल्म से फिर उभरकर सामने आये | जुदाई फिल्म में उनके अभिनय की काफी सराहना हुयी | 1997 में दीवाना मस्ताना और 1999 में बीवी न.1 और आपके दिल में रहते है सभी फिल्म सफल रही | 1999 में ताल फिल्म में म्यूजिकल सुपरस्टार का जबर्दस्त अभिनय नजर आया |

21वी सदी की शुरुवात में 2000 में बुलंदी फिल्म में अपने दमदार डबल रोल से फिल्म जगत में तहलका मचा दिया | पुकार फिल्म के लिए उनको पहला नेशनल फिल्म अवार्ड मिला , जो किसी भी फिल्म अभिनेता के लिए एक सम्मान की बात है | इसी साल हमारा दिल आपके पास में भी सफलता का स्वाद उन्होंने चखा | 2001 में आयी नायक फिल्म के किरदार की आज भी चर्चा लोगो की जुबान पर है कि किस तरह एक दिन का मुख्यमंत्री बनकर जनता में अपनी छवि बना लेते है | 2002 में बधाई हो बधाई फिल्म एम् एक मोटे आदमी का किरदार निभाया | अरमान फिल्म में पहली बार उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया | ॐ जय जगदीश फिल्म में उनका प्रदर्शन लाजवाब था |

2005 में No Entry  फिल्म के जरिये उनकी चमक दमक फिर आयी जो उस साल की सबसे कमाऊ फिल्म बनी |  2007 में वेलकम  फिल्म में उनका किरदार सराहनीय था | 2008 में अब्बास-मस्तान की Race में काम किया | टशन फिल्म फ्लॉप  रही | 2008 में Slumdog Millionaire फिल्म के जरिये उन्होंने विश्व ख्याति पायी जिस फिल्म को कई अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड मिले | 2010 में अनिल कपूर ने पहली बार टीवी पर 24 सीरियल के जरिये एंट्री ली और काफी सफल भी रहे |

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