Ashutosh Mukherjee Biography in Hindi | शिक्षाशास्त्री आशुतोष मुखर्जी की जीवनी

0
21
Ashutosh Mukherjee Biography in Hindi
Ashutosh Mukherjee Biography in Hindi

प्रसिद्ध विधि वेत्ता और शिक्षाशास्त्री आशुतोष मुखर्जी का (Ashutosh Mukherjee) जन्म 29 जून 1864 को कोलकाता में हुआ था | उनके पिता डा.गंगाराम मुखर्जी प्रसिद्ध चिकित्सक थे | आशुतोष (Ashutosh Mukherjee) की पुरी शिक्षा कोलकाता में हुयी और उन्होंने गणित में एम.ए. करने के बाद कानून का अध्ययन किया | शिक्षा विभाग में नौकरी करना उन्होंने इसलिए अस्वीकार कर दिया क्योंकि वहा अंग्रेजो को अधिक महत्व दिया जाता था | वे वकालात करने लगे और 1904 में उन्हें कोलकाता हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया | 1920 में वे स्थानापन्न मुख्य न्यायाधीश भी रहे |

शिक्षा के क्षेत्र में सर आशुतोष मुखर्जी (Ashutosh Mukherjee) का सबसे अधिक योगदान है | वे प्रथम बार 1906 से 1914 तक कोलकाता विश्वविद्यालय के उपकुलपति रहे | दुसरी बार 1921 में उन्हें पुन: इस पद पर नियुक्त किया गया | उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय का चतुर्दिक विकास हुआ | वहा नये नये विभाग खोले गये | सबसे बड़ा काम यह हुआ कि भारत में पहली बार इसी विश्वविद्यालय में भारतीय भाषाओ में एम.ए. का अध्यापन आरम्भ हुआ था |

प्रत्यक्ष राजनीती में भाग न लेते हुए भी आशुतोष मुखर्जी पक्के राष्ट्रवादी व्यक्ति थे | उन्होंने कभी विदेशी वेशभूषा धारण नही की | सनातनी विचारों के होते हुए भी छुआछूत के विरोधी थे | अपनी बाल विधवा पुत्री का फिर से विवाह करके उन्होंने समाज के सामने नया उदाहरण रखा | अपने स्वतंत्र विचारो का ही प्रभाव था कि लेफ्टिनेंट गर्वनर के कहने पर भी “बंग-भंग” का विरोध करने वाले छात्रों के विरुद्ध उन्होंने कोई कार्यवाही नही की |

जब सरकार ने विश्वविद्यालय को आर्थिक सहायता देने पर कुछ शर्ते लगाई तो आशुतोष मुखर्जी (Ashutosh Mukherjee) ने उन्हें स्वीकार न करके त्यागपत्र दे दिया था परन्तु कोलकाता विश्वविद्यालय से उनका संबध जीवन के अंत तक बना रहा | विश्वविद्यालय में भारतीयों के साथ अंग्रेज , जर्मन औ अमेरिकी प्रोफेसरों की भी नियुक्ति उन्होंने ही की और इस प्रकार कोलकाता विश्वविद्यालय को अग्रणी विश्वविद्यालय बना दिया | वे देश विदेश की अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किये गये थे | लन्दन की रॉयल एशियाटिक सोसाइटी और पेरिस की मैथमेटिकल सोसाइटी ने उन्हें अपना सदस्य मनोनीत किया | 25 मई 1924 को उनका देहांत हो गया |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here