Bruce Lee Biography in Hindi | ब्रूस ली की जीवनी

Bruce Lee Biography in Hindi | मार्शल आर्ट के प्रणेता ब्रूस ली की जीवनीब्रूस ली (Bruce Lee) को Martial Art का प्रणेता माना जाता है | ब्रूस ली (Bruce Lee) ने Martial Art और Kung Fu को मिलाकर एक विशेष प्रकार की मल्लयुद्ध कला की शैली को जन्म दिया था | इस प्रतिरक्षा शैली को Jeet Kune Do कहते है | वो अपनी इस शैली के साथ साथ फिल्मो में स्टंटबाजी की लिए काफी मशहूर रहे | वे युवा पीढ़ी के लिए बहुत समय तक आदर्श प्रेरक बने रहे थे | आइये उनकी जीवनी से आपको रुबुरु करवाते है |

ब्रुस ली (Bruce Lee) का जन्म 27 नवम्बर 1940 को अमेरिका के एक चीनी परिवार में हुआ था जो सेन फ्रांसिस्को के निवासी थी | उनके पिता Lee Hoi-chuen Opera के कलाकार थे और माँ Grace Ho एक यूरोपियन महिला थी | अपनी प्रारम्भिक शिक्षा Hong-Kong में पुरी करने के बाद वे कई विषयों के अध्ययन के साथ साथ Martial Art की प्रतिरक्षा प्रणाली का प्रशिक्षण लेते रहे | उन्होंने एक अमेरिकी युवती Linda Emery से विवाह किया था | दुनिया का यह चुस्त-दुरुस्त साहसी नौजवान अपने इस कौशल के कारण जल्द ही विज्ञापनों और पोस्टरों की दुनिया में छा गया |

उन्होंने Hollywood की कई फिल्मो में अभिनय किया जिनमे Enter The Dragon , Return The Dragon ,Game of Death , The Big Boss जैसी फिल्मे काफी सफल रही | वे Hollywood में उस दौर के सबसे महंगे सितारे माने जाते थे | दुर्भाग्यवश ऐसे असाधारण कलाकार एवं Martial Art के प्रणेता की अल्पायु में रहस्यमय परिस्थितियों में 20 जुलाई 1973 को मौत हो गयी | जिस समय उनकी मौत हुयी उस समय वे अपनी एक महिला मित्र के घर पर अपनी आगामी फिल्म की योजना बनाने में जुटे हुए थे |

उनकी असामयिक मौत ने कई सवालों को जन्म दिया | 3 सितम्बर 1973 को Hong-Kong की सरकार ने मृत्यु के कारणों की वास्तविकता जानने हेतु एक आयोग बिठाया किन्तु उनकी मृत्यु का राज अभी तक अनसुलझा ही रह गया | यह आशंका भी व्यक्त की जाती रही है कि सम्भवत: इर्ष्यावश किसी ने उनकी हत्या कर दी हो |

ब्रूसली (Bruce Lee) जैसे असाधारण प्रतिभा वाले लोग विरले ही होते है जो अपनी प्रतिभा की ऐसी अमिट छाप संसार के मस्तिष्क पर अंकित कर जाते है जिसे मिटा पाना शायद ही सम्भव हो | ब्रूस ली (Bruce Lee) ने प्रतिरक्षा की जो Martial Art शैली विकसित की उसमे गति और फुर्ती का अद्भुद सामंजस्य तथा शरीर के लचीलेपन का एक ऐसा समन्वित रूप था जो किसी भी प्रकार शस्त्र से लैस व्यक्ति का मुकाबला करने में सक्षम था | आज भी उनकी यह कला चीन ,कोरिया नही अपितु विश्व के सभी देशो में प्रचलित है | ब्रूसली मार्शल आर्ट के पर्याय माने जाते थे |

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