सर डोनाल्ड ब्रेडमैन की जीवनी | Donald Bradman Biography in Hindi

0
189
सर डोनाल्ड ब्रेडमैन की जीवनी | Donald Bradman Biography in Hindi
सर डोनाल्ड ब्रेडमैन की जीवनी | Donald Bradman Biography in Hindi

Cricket जैसे लोकप्रिय खेल में अपना नाम रोशन करने वाले कई बल्लेबाज (Batsmen) और गेंदबाज (Bowlers) हुए है जिन्होंने अपने बेहतरीन खेल की वजह से न केवल ख्याति प्राप्त की वरन रिकॉर्ड भी बनाये है | किसी बहे बल्लेबाज की कसौटी उसके अधिकतम रन बनाने और औसत के अनुसार रिकॉर्ड बनाने में होती है | कई बल्लेबाज (Batsmen) अत्यंत धीमी गति से रन बनाते है तो कई अत्यंत तेज गति से | अत्यंत तेज गति से रन बनाने वाले खिलाडियों में जिस सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का नाम विश्व में बड़े गर्व और आदर से लिया जाता है साथ ही औसत की दृष्टि से उनके रेकॉर्डो की बराबरी कोई नही कर पाया , जो आज के बल्लेबाजो के लिए भी एक चुनौती बने हुए है | 52 टेस्टों में जिन्होंने 94.94 की औसत से रन बनाये थे उस महान बल्लेबाज का नाम था सर डोनाल्ड ब्रैडमेन (Donald Bradman) | आइये उनकी जीवनी से आपको रुबुरु करवाते है |

सर डोनाल्ड जॉर्ज ब्रेडमैन (Donald Bradman) का जन्म ऑस्ट्रलिया में 27 अगस्त 1908 को हुआ था | जब उनकी उम्र केवल 20 वर्ष थी तभी 1928-29 में इंग्लैंड टीम के लिए खेलते हुए इन्होने 66.85 की औसत से दो शतक बनाये | 5 में से 4 में इन्होने शतक लगाये | इनमे दो दोहरे शतक इन्होने लीड्स टेस्ट में बनाये ,जिसमे 334 रन भी शामिल थे | इन्होने सर हेडमंड के 905 रन के रिकॉर्ड को 994 रन बनाकर तोड़ दिया | इस श्रुंखला में उनका औसत 139.14 था |

यद्यपि ब्रेडमैन (Donald Bradman) का जन्म New South Wales के एक छोटे से कस्बे Cootamundra में हुआ था और उनके पिता साधारण किसान थे तथापि हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण करते ही इन्होने इस निर्धन परिस्थिति में क्रिकेट खेलना शूरू किया | गोल्फ की पुरानी गेंदों को वे अभ्यास के दौरान दीवार पर ऐसे मारा करते थे कि गेंद फर्श पर गिर ही नही पाती थी |सीमेंट के फर्श पर अभ्यास के बाद वे बुली नदी की रेत पर अभ्यास किया करते थे जो गेंद की गति और उसकी उछाल की दिशा तय करने में मदद करती थी |

स्कूल टीम की ओर से खेलते हुए उन्होंने कुल 156 रन में 115 रन तो स्वयं ही बनाये थे और अपनी पारी को गर्व में आकर समाप्त घोषित कर दिया | उनकी इस गर्वोक्ति की घटना प्रार्थना सभा में प्रिंसिपल ने सुनाई तो उन्हें लगा कि ऐसी गलती नही करनी चाहिये | एक खिलाड़ी को इस तरह घमंड करना शोभा नही देता है | स्कूल छोडकर ब्रेडमैन जमीन सम्बधी धंधे से जुड़ गये | इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ , जिसमे उन्होंने औसत की दृष्टी से सर्वाधिक रन बनाये |

सन 1928 में वे इंग्लैंड दौर पर गयी टीम के लिए अच्छे औसत से रन नही बना पाए | इसके बाद उन्होंने तीसरे टेस्ट में 79-112 तथा अंतिम में 123-371 रन बनाये | 1929-30 के सीजन में उन्होंने क्वींसलैंड के विरुद्ध 452 रन बनाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया | 1930 में इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने 215 तथा 185 रनों से खेल प्रारम्भ किया और टेस्ट की दुसरी पारी में 131 , दुसरे टेस्ट में 254 रन तथा अगले टेस्ट में 334 रन का विशाल स्कोर अर्जित क्र इंग्लैंड को भौचक्का कर दिया | इंग्लैंड के खिलाड़ी तो उनके नाम से ही कांपा करते थे |

अपनी मर्जी के मुताबिक़ स्ट्रोक खेलने वाले ब्रेडमैन (Donald Bradman) विचित्र तथा अत्यंत ही नये तरीके से स्ट्रोक लगाया करते थे जो विपक्षी टीम के खिलाडियों की समझ से परे था | फील्डरो के बीच से गेंद ऐसे निकालते थे कि उसे कोई छु नही पाता था | 1930 में लीड्स टेस्ट में इन्होने दोपहर के भोजन के पहले शतक लगाया और पुरे दिन में 309 रन बना डाले | 1932-33 में ब्रेडमैन  को आउट करने के लिए इंग्लैंड के कप्तान ने बॉडीलाइन नामक गेंदबाजी का षडयंत्र रचा | इस शृंखला में 100 रन बनाकर उन्होंने इंग्लैंड टीम को करारा जवाब दिया था |

एक बार तो एक टेस्ट में उनके पैरो का संतुलन ऐसा खोया कि वे गिरते रहे पर बॉल पर से अपनी नजर नही हटने दी | इस रोमांचक दृश्य को देखने वाले आज भी उसे याद रखे हुए है | ब्रेडमैन  को सिगरेट ,शराब अदि का शौक नही था | उन्हें पियानो बजाने का अच्छा शौक था | उनकी पत्नी का नाम जैसी ब्रेडमैन था | सन 1932 में दक्षिणी अफ्रीका के विरुद्ध टेस्ट श्रुंखला में 1990 रन जुटाकर उन्होंने विश्व कीर्तिमान रच डाला | ब्रेडमैन (Donald Bradman) के जीवन का सबसे दुखद दिन था जब वे मेलबोर्न के स्टेडियम में 70 हजार दर्शको के बीच खेल रहे थे तो पहली बार वे शून्य पर आउट हुए | यदि उन्होंने एक भी चौका उसमे लगाया होता तो उनका रन औसत 99.94 से 100 प्रतिशत हो जाता | उन्होंने 29 शतक 52 टेस्ट में लगाये थे |

सर डोनाल्ड ब्रेडमैन (Donald Bradman) क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज थे | उन्होंने प्रथम श्रेणी के मैच में 338 पारियों में 95.14 की औसत से 28067 रन बनाये | जबकि अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट की 80 पारियों में 99.94 की औसत से 6996 रन बनाये | इतने कम टेस्टों में इतनी तेज गति से रन बनाने का रिकॉर्ड विश्व का कोई खिलाड़ी आज तक नही तोड़ पाया | हमारे देश के सचिन तेंदुलकर एवं सुनील गावस्कर ने उनके रनों का रिकॉर्ड यद्यपि तोड़ दिया है तथापि इतने कम टेस्टों में इतनी तेज गति से रन बनाने का काम सर डोनाल्ड ब्रेडमैन (Donald Bradman) ही कर सके |

BiographyHindi.com के जरिये प्रसिद्ध लोगो की रोचक और प्रेरणादायक कहानियों को हम आप तक अपनी मातृभाषा हिंदी में पहुचाने का प्रयास कर रहे है | इस ब्लॉग के माध्यम से हम ना केवल भारत बल्कि विश्व के प्रेरणादायक व्यक्तियों की जीवनी से भी आपको रुबुरु करवा रहे है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here