Dorothy Crowfoot Hodgkin Biography in Hindi | डोरोथी क्रोफूट होजकिन (विटामिन B-12 की संरचना ज्ञात करने वाली महिला वैज्ञानिक ) की जीवनी

Dorothy Crowfoot Hodgkin Biography in Hindi | डोरोथी क्रोफूट होजकिन (विटामिन B-12 की संरचना ज्ञात करने वाली महिला वैज्ञानिक ) की जीवनी

Dorothy Crowfoot Hodgkin Biography in Hindi

विटामिन बी-12 द्वारा पेट के अपच संबधित रोगों की चिकित्सा की जाती है | यह बहुत महत्वपूर्ण विटामिन है | इसकी संरचना ज्ञात करने का श्रेय डोरोथी होजकिन (Dorothy Crowfoot Hodgkin) को जाता है | बड़ी मेहनत करके उन्होंने इस यौगिक की संरचना का पता लगाया था | इस कार्य के लिए उन्हें सन 1946 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरुस्कार प्रदान किया गया |

डोरोथी होजकिन (Dorothy Crowfoot Hodgkin) का जन्म मिस्त्र की राजधानी काहिरा में 12 मई 1910 को हुआ था | यह महिला वैज्ञानिक बचपन से ही पढने लिखने में बहुत प्रखर थी | इनके पिता उच्च शिक्षा अधिकारी थे और इनकी माँ वनस्पति विज्ञान में वैज्ञानिक थी | इनकी शिक्षा ब्रिटेन के जॉन लेमान स्कूल में हुयी थी | शिक्षा के आरम्भ काल से ही इनकी रसायन विज्ञान में विशेष रूचि रही | उस समय ब्रिटेन में महिलाओं को रसायन विज्ञान पढने की अनुमति नही दी जाती थी |

ब्रिटेन के शिक्षाशास्त्रियों की धारणा थी कि रसायन विज्ञान केवल पुरुषो के पढने का विषय है | डोरोथी (Dorothy Crowfoot Hodgkin) को रसायन विज्ञान पढने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ी | स्कूली शिक्षा समाप्त करने के बाद उनके पिता को सूडान जाना पड़ा | सूडान में हर वक्त रसायन विज्ञान पढने की सनक इनके मन में रहती थी | उन्होंने इस सनक को पूरा करने के लिए सूडान छोड़ दिया और वापस इंग्लैंड आ गयी | इंग्लैंड वापस आकर उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में रसायन विज्ञान का अध्ययन किया |

उनकी प्रतिभा से प्रोफेसर एम.ऍफ़.बुचर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने सन 1929 में एक्स किरन क्रिस्टलोंग्राफी के एक विशेष कोर्स में दाखिला ले लिया | यह प्रथम शोध महिला थी | कैम्ब्रिज में इन्हें एक्स किरण क्रिस्टलोंग्राफी पर डॉक्टर जे.डी.बनली के साथ काम करने का अवसर मिला | उन्होंने मेहनत के साथ काम किया | सन 1934 में वे लौटकर ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में वापस आ गयी | वहा वे रसायन विज्ञान के शोध कार्य के साथ पढाने का कार्य करती थी |

सन 1937 में इनका विवाह विश्वप्रसिद्ध इतिहासकार हाजकिन के साथ हुआ | उन्होंने क्रोफुट नाम अपने पिता के नाम से लिया और हाजकिन अपने पति के नाम से लिया इस प्रकार इनका नाम डोरोथी क्रोफुट हाजकिन (Dorothy Crowfoot Hodgkin) हो गया | कुछ समय बाद यह अपने पति के साथ थाना चली गये | वहा इनके दो पुत्र और एक पुत्री पैदा हुई | थाना विश्वविद्यालय में यह अपना काम करती रही | इन्होने इन्सुलिन आदि पर कार्य करते हुए विटामिन बी-12 की संरचना पर कार्य आरम्भ किया |

सन 1948 से सन 1956 तक इन्होने बी-12 की संरचना पर कार्य किया और अतं में इन्होने इसकी संरचना का पता लगा लिया | इस महान सफलता के लिए इन्हें सन 1964 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरूस्कार प्रदान किया गया | रसायन विज्ञान में नोबेल पुरुस्कार प्राप्त करने वाली ये तीसरी महिला वैज्ञानिक थी | डोरोथी (Dorothy Crowfoot Hodgkin) को नोबेल पुरूस्कार मिलने से पहले सन 1937 में रॉयल सोसाइटी का फेलो चुना गया | उन्हें ओर भी बहुत सी संस्थाओं से गोल्ड मैडल मिल चुके है | उन्हें महारानी एलिजाबेथ ने आर्डर ऑफ़ मेरिट से विभूषित किया | इन जैसी महिला वैज्ञानिक कम ही पैदा होती है | 29 जुलाई 1994 को इस महान महिला वैज्ञानिक का देहांत हो गया |

Leave a Reply