Georg Simon Ohm Biography in Hindi | ओम नियम प्रतिपादित करने वाले जोर्ज साइमन ओम की जीवनी

Georg Simon Ohm Biography in Hindi | ओम नियम प्रतिपादित करने वाले जोर्ज साइमन ओम की जीवनी

Georg Simon Ohm Biography in Hindi | ओम नियम प्रतिपादित करने वाले जोर्ज साइमन ओम की जीवनी

ओम का नियम विद्यार्थी छोटी कक्षाओं अर्थात नवी कक्षा से ही पढ़ लेते है | यह विद्युतधारा और प्रतिरोध संबधी मौलिक नियम है जिसे ओम (Georg Simon Ohm) ने  प्रतिपादित किया था | उनके नाम पर ही इसे ओम का नियम कहते है | जोर्ज साइमन ओम (Georg Simon Ohm) का जन्म 16 मार्च 1789 को दक्षिणी जर्मनी में हुआ था | इनकी इच्छा बचपन से ही वैज्ञानिक बनने की थी | इनके पिता एक मैकनिकल इंजिनियर थे | उन्होंने ही इन्हें विज्ञान पढाई जिससे इनकी रूचि विज्ञान में बहुत हो गयी | इनका परिवार गरीब था इसलिए पढ़ लिखकर भी इन्हें स्कूल में नौकरी करनी पड़ी |

ओम (Georg Simon Ohm) की सबसे अधिक रूचि विद्युतधारा और उसके प्रयोगों में थी | उन्होंने विद्युतधारा द्वारा गर्मी पैदा करने पर भी प्रयोग किये | उन्होंने विभिन्न मोटाई के तारो में विद्युतधारा प्रवाहित करके ऊष्मा संबधी प्रयोग किये उन्होंने सिद्ध करके दिखाया कि यदि किसी तार के सिरों में एक वोल्ट विभवान्तर लगाया जाए और उसमे एक अम्पीयर विद्युतधारा प्रवाहित करे तो उस तार का प्रतिरोध एक ओम होगा | सन 1827 में वे विद्युतधारा वोल्टेज और प्रतिरोध में एक संबध स्थापित कर सके |

ओम (Georg Simon Ohm) ने सिद्ध करके दिखाया कि विभवान्तर और प्रतिरोध एक दुसरे के व्युत्क्रमानुपाती होते है | इसी के आधार पर वैज्ञानिक विद्युतधारा , विभवान्तर और प्रतिरोध संबधी गणनाये अनेक परिपथो में कर सके | आज ओम का नियम विद्युतधारा में भौतिक नियम बन गया है | ओम को अपने जीवन में बहुत से वैज्ञानिकों की आलोचना सहनी पड़ी थी लेकिन जर्मनी से बाहर उनके इस नियम की ख्याति बहुत फ़ैल गयी थी जिससे उनको प्रिस्द्धि मिली |

सन 1842 में उनके कार्यो के लिए रॉयल सोसाइटी ऑफ़ लन्दन की सदस्यता प्राप्त हुयी | धीरे धीरे जर्मनी के लोगो ने भी इनके द्वारा दिए गये नियम के महत्व को समझा | वे जीवन भर अमीर न बन पाए | मृत्यु से पांच वर्ष पूर्व 1849 में उन्हें म्यूनिख विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद प्राप्त हुआ | यह उनका बहुत बड़ा स्वप्न था | 6 जुलाई 1854 को जर्मनी के म्यूनिख शहर में इस महान वैज्ञानिक ओम (Georg Simon Ohm) की मृत्यु हो गयी | इन्हें हम जीवन भर भूल नही पायेगे |

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