J. Robert Oppenheimer Biography in Hindi | परमाणु बम निर्माता ओपनहाइमर की जीवनी

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J. Robert Oppenheimer Biography in Hindi
J. Robert Oppenheimer Biography in Hindi

ओपनहाइमर (J. Robert Oppenheimer) का जन्म 22 अप्रैल 1904 को अमेरिका के प्रसिद्ध नगर न्युयोर्क में हुआ था | इनके पूर्वज जर्मनी  के रहने वाले थे | इनके माता-पिता यहूदी धर्मावलम्बी होने से जर्मनी में भली प्रकार रह नही पाए थे अत: अमेरिका में आकर स्थिर हो गये | बालक ओपनहाइमर पढाई-लिखाई में बहुत ही मेधावी था | जब यह पांच वर्ष के थे कि एक बार उनके पितामह ने इन्हें कुछ चट्टानों के टुकड़े दिए | उनको पाकर ओपनहाइमर की रूचि भूगर्भविज्ञान में होने लगी | उनकी माता ने उन्हें चित्रकारी और संगीत की शिक्षा दी | 7 वर्ष की आयु में ओपनहाइमर कविताये लिखने लगे थे और उनका विचार कवि के रूप में प्रसिद्ध होने का था |

परिवार सम्पन्न होने से ओपनहाइमर (J. Robert Oppenheimer) की शिक्षा बहुत ही उच्च  स्तर के स्कूल में हुयी | स्कूल जीवन से ही ओपनहाइमर में आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होने लगी थी | युवावस्था में ओपनहाइमर ने फ्रेंच , स्पेनिश , इतालियन , ग्रीक आदि भाषाओ का ज्ञान अर्जित कर लिया था | 12 वर्ष की आयु में ओपनहाइमर को न्युयोर्क के एक क्लब में भाषण देने के लिए आमंत्रित किया | आरम्भ में ओपनहाइमर वहां जाने से हिचकिचा रहे थे | पिता से कुछ बहाना बनाने के लिए कह दिया किन्तु पिता के समझाने पर वे क्लब में भाषण देने के लिए पहुच गये | उनका भाषण मेनहट्टन में पाए जाने वाली चट्टानों के विषय पर था | भाषण बहुत अच्छा था और सूचनात्मक था | क्लब की पत्रिका ने उसे अपने अगले अंक में प्रकाशित किया |

ओपनहाइमर (J. Robert Oppenheimer) जब 17 वर्ष के थे तो शिक्षा ग्रहण करने के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चले गये | स्नातक परीक्षा में उनके अंक इतने अत्यधिक थे कि अब तक विश्वविद्यालय ममे इतने अंक किसी अन्य छात्र ने कभी अर्जित किये ही नही थे | उन्होंने कीर्तिमान स्थापित किया | उनके भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक का कहना था कि यह लड़का या तो भौतिक विज्ञान को या फिर समस्त विश्व हिला देगा | ओपनहाइमर ने दोनों को हिला कर रख दिया था | ओपनहाइमर ने दोनों को हिलाकर रख दिया था | ओपनहाइमर हार्वर्ड से इंग्लैंड में कैम्ब्रिज की प्रसिद्ध कैवैंदिश प्रयोगशाला में काम करने चले गये | वहा उन्होंने अग्रणी भौतिकविदो के साथ मिलकर कार्य किया |

सन 1929 में वे कलिफोर्निया विश्वविद्यालय में आ गये | सन 1932 में उन्हें कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त कर दिया गया | यहाँ वे नाभिकीय विज्ञान में भाँती-भाँती के प्रयोग करते रहे | सन 1941 में ओपनहाइमर अमेरिका की परमाणु बम बनाने की योजना से संबध हो गये | मई 1942 में परमाणु बम विकसित करने वाले प्रोजेक्ट के को-ओर्दिनेटर बनाये गये | उसी वर्ष उन्हें परमाणु बम निर्माण करने वाले मैंनहेत्तन प्रोजेक्ट का चीफ साइंस डायरेक्टर बना दिया गया | सन 1943 में ओपनहाइमर की देखरेख में परमाणु बम निर्माण के लिए लास अलामोस में वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई गयी |

परमाणु बम बन गया | 16 जुलाई 1945 को प्रात:काल साढ़े पांच बजे प्रथम परमाणु बम का परीक्षण किया गया | लास अलामोस से 200 मील दूर अल्मागोडा के उत्तर रेगिस्तानी भाग को इसके परीक्षण के लिए चुना गया | निर्धारित समय पर परमाणु बम का विस्फोट किया गया | एक भयानक आवाज के साथ सारे क्षेत्र में प्रकाश फ़ैल  गया | वहा से नौ मील की दूरी पे नियन्त्रण कक्ष में बैठे ओपनहाइमर को तेज गर्मी का अनुभव हुआ | जिस दीवार पर बम विस्फोट किया गया था | उसके नीचे की मिटटी पिघलकर कांच में बदल गयी थी | एक मील तक के क्षेत्र में सारे जीवन जन्तु अपने प्राणों से हाथ धो बैठे | भुम्याअंतर्गत छिपे जीवो का भी चिन्ह तक नही रहा था | 20 से 30 मील दूरी तक के पशुओ के बाल उड़ गये थे | 450 मील की दूरी तक इस विस्फोट को लोगो ने देखा था | इसे देख सारा संसार कम्पायमान और भयभीत हो गया था |

राक्षसी वृति के अमेरिका को एक शस्त्र मिल गया | 6 अगस्त 1945 को उसने युरेनियम से बना परमाणु बम जापान के हिरोशिमा नगर पर गिरा दिया | बीस हजार टन के इस बम का 1700 फुट की उंचाई पर विस्फोट किया गया था जिसमे 80,000 लोग तुंरत ही मौत के ग्रास बन गये और 70,000 लोग घायल हो गये | उस नगर को देखकर यही लगने लगा था कि वहा सभ्यता का सर्वदा के लिए विनाश हो गया है | अमेरिका को इतने से ही संतोष नही हुआ अपितु इसके तीन दिन बाद 9 अगस्त 1945 को प्लुटोनियम से बना दूसरा बम जापान के नागासकी नगर पर गिरा दिया | इस विस्फोट में 40,000 लोग मौत के ग्रास बने और 25,000 विकृत और घायल हो गये | परिणामस्वरूप 10 अगस्त को मित्र कहे जाने वाले , मानवता के शत्रु देशो के सम्मुख जापान ने घुटने टेक दिए |

ओपनहाइमर (J. Robert Oppenheimer) को इससे बहुत दुःख हुआ और उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया | उसमे उन्होंने लिखा “मै शस्त्रात्र बनाने वाला नही बनूंगा” यद्यपि ओपनहाइमर (J. Robert Oppenheimer)  के साथ परमाणु बन बनाने वाली टीम के अतिरिक्त ओटोहों , काम्पटन , फर्मी  स्रजिलार्द और आइन्स्टीन आदि भे मुख रूप से सम्मिलित रहे थे | इस विस्फोट के बाद यधपि ओपनहाइमर (J. Robert Oppenheimer)  ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था तदपि सन 1947 में उन्हें परमाणु उर्जा विभाग का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया | सन 1950 में युद्ध के लिए किये गये कार्यो के लिए उन्हें विशेष सम्मान दिया गया | सन 1963 में उन्हें परमानु उर्जा विभाग का एनरीकोफर्मी पुरुस्कार प्रदान किया गया | इस पुरुस्कार को अमेरिका का उच्चतम पुरुस्कार कहा जाता है | आखिर अंत तो होना ही था | इस परमाणु बम निर्माता का भी 18 फरवरी 1968 को अमेरिका के प्रिंस्टन नगर में देहांत हो गया |

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