James Dewar Biography in Hindi | थर्मस फ्लास्क के अविष्कारक जेम्स डीवार की जीवनी

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James Dewar Biography in Hindi | थर्मस फ्लास्क के अविष्कारक जेम्स डीवार की जीवनीसम्पूर्ण विश्व में आज बहे थर्मस फ्लास्क का उपयोग बहुत अधिक किया जाता है | यह बात अलग है कि समय समय पर इसके स्वरूप में काफी परिवर्तन हुआ है किन्तु लाभ वही पुराना है | थर्मस फ्लास्क में ठण्ड पेय पदार्थ अधिक देर तक ठंडा रहता है और साथ ही गर्म पेय पदार्थ को भी ज्यादा समय तक गर्म रखा जा सकता है | इसलिए सामान्यत: पेय पदार्थो को अधिक समय तक ठंडा और गर्म रखने के लिए , बिना किसी ईंधन के थर्मस फ्लास्क में रखा जाता है | इस थर्मस फ्लास्क को डीवार फ्लास्क भी कहा जाता है | इसका कारण है कि वैज्ञानिक जेम्स डीवार (James Dewar) , जिन्होंने इस अद्भुद फ्लास्क का आविष्कार किया था | उन्ही के नाम पर इस फ्लास्क का नाम डीवार फ्लास्क रखा गया जिसे हम थर्मस फ्लास्क के नाम से जानते है |

सर जेम्स डीवार (James Dewar) का जन्म स्कॉटलैंड में सन 1842 को हुआ था | आरम्भ से ही इनकी रूचि भौतिक विज्ञान में थी किन्तु भौतिकी के साथ साथ रसायन विज्ञान में भी दक्ष थे | वैसे निर्यात विज्ञान की ओर उनका विशेष रुझान था | स्कूली शिक्षा सम्पन्न कर , उन्होंने भौतिक विज्ञान का अध्ययन किया | जेम्स डीवार (James Dewar) निर्वात विज्ञान के आधार पर अनुसन्धान कर कुछ नया आविष्कार करना चाहते थे जो जन-जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुए | अथक प्रयासों के बाद वो अंत में सफल हुए |

सन 1892 में डीवार (James Dewar) ने दोहरी दीवारों वाले एक फ्लास्क का आविष्कार किया , इन दीवारों के बीच में निर्वात किया गया था | इससे अतिशीतल गैसों को रखा जा सकता था | इस फ्लास्क का नाम डीवार रखा गया | उनके इस अविष्कार ने उन्हें विश्वभर में प्रसिद्ध कर दिया | उनके समय में भी डीवार फ्लास्क का बड़े पैमाने पर प्रयोग होने लगा था | तब भी फ्लास्क का प्रयोग गर्म और ठंडे पेय पदार्थो को लम्बी अवधि तक उसके यथार्थ ताप्मान्मे रखने के लिए किया जाता था |

जेम्स डीवार (James Dewar) भौतिक विज्ञान की भाँती रसायन विज्ञान में भी विशेष रूचि रखते थे | थर्मस फ्लास्क इन दोनों विज्ञानों का ही परिणाम था | डीवार इस अविष्कार के साथ साथ अन्य प्रयोग भी करते रहते थे | सन 1889 ईस्वी में जेम्स डीवार (James Dewar) ने फ्रेडरिक एबेल नामक वैज्ञानिक के साथ अनुसन्धान कार्य किया था | उन्होंने अपने इस अनुसन्धान में कारडाइट नामक धुँआरहित विस्फोटक पदार्थ की खोज की | फ्रेडरिक एबेल विस्फोटको के क्षेत्र में विशेषज्ञ थे |

कॉरडाइट नामक विस्फोटक का प्रयोग इन दोनों वैज्ञानिकों ने बारूद बनाने में किया | उनके इस आविष्कार से युद्ध के मैदान में धुएं रहित बारूद का प्रयोग सम्भव हो सका | किसी भी घातक वस्तु का अविष्कार सदैव सुरक्षा की दृष्टि से लाभदायक होता है किन्तु प्रत्येक दृष्टि से वह मानव समाज के लिए खतरनाक ही सिद्ध हुआ है | इन दोनों वैज्ञानिकों द्वारा विकसित बारूदो का युद्दो में बड़े पैमाने पर प्रयोग किया गया | जेम्स डीवार (James Dewar) का सन 1923 में देहांत हो गया |

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