किशोर कुमार की जीवनी | Kishore Kumar Biography in Hindi

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Kishore Kumar Biography in Hindi
Kishore Kumar Biography in Hindi

किशोर कुमार (Kishore Kumar) के जन्म का नाम आभास कुमार गांगुली था | उनके पिता कुंजलाल गांगुली तथा माता गौरी देवी थी | पिता एक वकील थे | वे एक समृद्ध बंगाली परिवार से संबध थे | उनका जन्मस्थान मध्यप्रदेश का खंडवा स्थान था | अशोक कुमार तथा अनूप कुमार उनके भाई थे तथा सती देवी उनकी बहन थी | दोनों भाई प्रसिद्ध अभिनेता थे ही , किशोर कुमार को भी अभिनय में रूचि पैदा हो गयी | उन्होंने संगीत भे सीखा | के.एल.सहगल के वे प्रशंसक थे | बम्बई में उन्होंने बॉम्बे टॉकीज में गायक दल के सदस्य के रूप में गाना शुरू किया |

शिकारी प्रथम फिल्म थी जिसमे उन्होंने अभिनय से अपने करियर की शुरुवात की परन्तु उनका प्रथम प्यार गायन ही था | उन्हें फिल्मो में गाने के अवसर दिया खेमचंद प्रकाश ने | एस.डी.बर्मन ने किशोर की गायन प्रतिभा को पहचाना और उन्हें गीत गाने का अवसर दिया | पहले किशोर सहगल की शैली का अनुसरण करते थे वर्मन दा ने उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली मे गाने की सलाह दी | “आलाप लेना” उनकी शैली की विशेषता थी |

1954-57 तक एस.डी.बर्मन के साथ किशोर कुमार (Kishore Kumar) ने मुनीम जी , ज्वेल थीफ , नौ दो ग्यारह जैसी फिल्मो में गीत गाये | उनके प्रसिद्ध गीत है “माना जनाब ने पुकारा नही ” “हाल कैसा है जनाब का” आदि | सी.रामचन्द्रन के साथ भी उनके कई गीत लोकप्रिय हुए | “रूप तेरा मस्ताना” के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला | उन्होंने अन्य संगीतकारो जैसे लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल आदि के साथ काम किया | व्यक्तिगत जीवन में किशोर कुमार ने चार बार विवाह किया | प्रथम पत्नी रुमा गुहा से पुत्र अमित कुमार और चौथी पत्नी लीना चन्द्रावरकर से सुमित कुमार का जन्म हुआ | पुत्र अमित कुमार के साथ एक फिल्म में उन्होंने अभिनय भी किया | उनकी प्रतिभा का कमाल यह था कि वे कई फिल्मो में निर्माता , निर्देशक और अभिनेता भी बने | झुमरू एक ऐसी ही फिल्म थी |

किशोर कुमार (Kishore Kumar) ने आशा भोंसले , लता मंगेशकर के साथ कई गाने गाये | किशोर कुमार की आवाज में अद्भुद गहराई थी जो लोगो को मन्त्रमुग्ध कर देती थी | यद्यपि शास्त्रीय संगीत की शिक्षा उन्हें नही मिली थी पर फिर भी हर संगीतकार की वह पहली पसंद थी | 21वी सदी के युवाओं में उन्हें सुनने की जबर्दस्त क्रेज था उन्माद था | स्वाभिमानी किशोर कुमार अपनी शर्तो पर गाते थे | आपातकाल में संजय गांधी ने उन्हें कांग्रेस रैली में गाने के लिए आमंत्रित किया पर उन्हें पसंद नही था तो वे नही गये | गैरसरकारी आदेश से उनके गीत All India Radio पर तथा T.V. पर बजने दिखने बंद हो गये | आपातकाल के बाद ही फिर शुरूवात हुयी | 13 अक्टूबर 1987 अपने बड़े भाई अशोक कुमार के 76वे जन्मदिन पर उनका हृदयाघात से देहांत हो गया | अशोक कुमार इस सदमे से उनको इतना आघात हुआ कि उन्होंने कभी भविष्य में अपना जन्मदिन नही मनाया |

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