टेनिस स्टार लिएंडर पेस की जीवनी | Leander Paes Biography in Hindi

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टेनिस स्टार लिएंडर पेस की जीवनी | Leander Paes Biography in Hindi
टेनिस स्टार लिएंडर पेस की जीवनी | Leander Paes Biography in Hindi

लॉन टेनिस में 52 वर्षो बाद ओलंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक दिलाने वाले भारतीय होने का श्रेय लिएंडर पेस (Leander Paes) को जाता है | टेनिस के इस महान सितारे पर पुरे देश को हमेशा गर्व रहेगा | अपनी तेज तर्रार और आक्रामक शैली से मशहूर लिएंडर पेस (Leander Paes) ने महेश भूपति के साथ विंबलडन , ऑस्ट्रेलियाई , फ्रेंच तथा अमेरिकी ओपन के डबल्स मुकाबलों में अपना शानदार खेल दिखाया | मार्टिना नवरातिलोवा के साथ मिक्स डबल्स की विभिन्न प्रतियोगिताओं में इन्होने प्रथम तथा द्वितीय स्थान प्राप्त किया है |

टेनिस के इस सितारे का जन्म 17 जून 1973 को कलकत्ता में हुआ था | इनके पिता डा.बेस पेस तथा माता जेनिफर भी खिलाड़ी रहे है | लिएंडर पेस (Leander Paes) फूटबॉल के खिलाड़ी भी रहे है | बार बार चोटों की वजह से इन्होने टेनिस खेलने का निर्णय किया | सौभाग्य से ये इसमें सफल रहे | सर्वप्रथम मद्रास स्थित ब्रिटानिया अमृतराज अकादमी (BAT) में इनका चयन अमृतराज भाइयो तथा अन्य 2 अन्य प्रशिक्षको -डेविड ओमेरा और टी.चंद्रशेखरन की उपस्थिति में हुआ | यहा इन्हें इन श्रेष्ठ प्रशिक्षको का कुशल मार्गदर्शन मिला | यही से इन्हें आक्रामक शैली मिली |

1948 में हांगकांग की बाड़ल एशियाई जूनियरशिप प्रतियोगिता में ये सेमीफाइनल में भारत के ही रोहित राजपाल से हारे | खेल जीवन की इस शुरुवाती हार के बाद 1989 में इन्होने ITF जूनियर रैंकिंग जीती जिसकी बदौलत इन्हें फ्रेंच और विम्बल्डन की एशियाई जूनियर टीम में भाग लेने का अवसर मिला | पहले दौर में हार जाने के बाद ये युगल क्वार्टर फाइनल तक पहुचने में सफल रहे | 1990 के ऑस्ट्रेलियाई ऑपन में जूनियर वर्ग के फाइनल में पहुचे थे ,जिसके रोमांचक मुकाबले में ये जर्मनी के टर्क डायर से गये |

ITF जूनियर का खिताब पाने के बाद इन्हें भारतीय डेविस कप में प्रवेश मिला ,जिसमे हारकर भी इन्होने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया | 1990 में इन्होने अफ्रीका के मार्कोस ओदृश्का को 7-5 , 2-6 ,6-4 से हराकर खिताब अपने नाम किया | हालांकि सीनियर वर्ग प्रतियोगिताओ में ये डेविस कप मुकाबलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते रहे किन्तु लिएंडर पेस  और महेश भूपति की जोड़ी ने ग्रैंड स्लैम का खिताब जीतकर विश्व में नम्बर वन की वरीयता हासिल की | पेस और भूपति ने 1995 में जोड़ी बनाकर खेलना शुरू किया | 1997 में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए न केवल ATP खिताब जीता बल्कि विश्व की चौथी वरीयता क्रम में जा पहुचे |

1998 में इन्होने दुहा ,इटली ,शंघाई की युगल स्पर्धाओं में खिताब जीतकर 3 ग्रांड स्लैम ऑस्ट्रेलियाई , अमेरिकी और फ्रेंच के सेमीफाइनल में पहुचे |  1997 में विंबलडन में भी सेमीफाइनल में इन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था | दुर्भाग्यवश इनकी जोड़ी आपसी मतभेदों की वजह से कुछ समय के लिए अलग हो गयी थी किन्तु फिर भी देश के लिए इन्होने अपने मतभेदों को दरकिनार कर पुन: खेलना शुरू किया | आज भी मिक्स डबल की प्रतियोगिताओ में पेस और भूपति खेलते हुए देश का नाम रोशन कर रहे है |

लिएंडर पेस (Leander Paes) टेनिस जगत में कोर्ट पर अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते है | इनकी विशेषता यह भी है कि ये हारने के बाद भी अपना आत्मविश्वास नही खोते | अपने झुझारूपन से मैच में पिछड़ते हुए भी जीत का जज्बा बनाये रखते है | मैच के हर पॉइंट के लिए चुनौती देते हुए अपने किलर स्टंट होने की पहचान देते है | ये अपने सहयोगी खिलाड़ी के आत्मविश्वास एवं आत्मबल को जगाते हुए उन्हें प्रोत्साहित भी करते है |

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