लियानार्दो द विंसी की जीवनी | Leonardo da Vinci Biography in Hindi

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लियानार्दो द विंसी की जीवनी | Leonardo da Vinci Biography in Hindi
लियानार्दो द विंसी की जीवनी | Leonardo da Vinci Biography in Hindi

लियानार्दो द विंसी (Leonardo da Vinci) एक ऐसे बहुमुखी प्रतिभा के धनी ,अद्भुद प्रतिभा सम्पन्न कलाकार थे जिन्होंने चित्रकारी की कला को नई ऊँचाइया दी | उन्होंने मूर्तिकला में भी श्रेष्ठता हासिल की थी | उनको प्रकृति तथा अनोखी वस्तुओ के डिजाईन तैयार करने की प्रवीणता प्राप्त थी | विन्सी ने सिविल अभियांत्रिकी संबधित अनेक आविष्कार किये , जिसमे अलार्म घड़ी , वातानुकूल संयत्र , टैंक ,पनडुब्बी ,गोताखोरी के उपकरण ,हेलीकाप्टर , भूमिगत नहरे ,गैस मास्क आदि के डिजाईन तैयार किये थे | विश्वप्रसिद्ध पेंटिंग मोनालिसा उनके द्वारा निर्मित है |

लियानार्दो द विन्सी (Leonardo da Vinci) का जन्म 15 अप्रैल 1452 को इटली के एक गाँव विंसी में हुआ था | उनके जन्म के समय दहेज की बुराई जोरो पर थी | विंसी की माँ ने दहेज की पीड़ा के कारण कठिनाइयो से गुजरते हुए एक उच्चवर्गीय व्यक्ति पीयरो द विंसी के साथ विवाह किया था | विंसी की माँ केटरीना ने विंसी को तो जन्म दिया किन्तु उनके पिता को त्यागकर उन्होंने दुसरे व्यक्ति से शादी कर ली | विंसी के पिता ने चार शादियाँ की थी | पहली सन्तान होने के कारण लियानार्दो को घर में बहुत प्यार मिला | बचपन से ही वे प्रकृति के मनोरम दृश्यों में खोये रहते थे | जीवो से इतना प्रेम था कि वे शाकाहारी थे |

बाल्याकाल में ही उनकी पहचान वीरोचियो से हुयी , जिनसे उन्होंने चित्रकला ,मूर्तिकला ,वास्तुकला ,अभियांत्रिकी कला का प्रशिक्षण प्राप्त किया | वेरोचियो उनकी लगन और परिश्रम को देखकर खुश हुए | समय के साथ साथ लियानार्दो (Leonardo da Vinci) ने अपने चित्रों में नवीन तकनीकी का इस्तेमाल किया | उन्होंने किसी वस्तु का चित्र बनाते समय उस पर पड़ने वाल प्रकाश और छाया का चित्र अलग अलग कोणों तथा अलग अलग मात्रा में विशेष प्रकार से प्रस्तुत किया कि लोग दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर हो जाते थे |

उन्होंने प्रकृति में मौजूद हर जड-चेतन वस्तु को बारीकी से देखकर उसके गुणों के बारे में जानकारी हासिल कर उसकी चित्रकारी और मूर्ति निर्माण भी की | कांसा ,टेरिकोटा एवं संगमरमर की श्रेष्ट मुर्तिया भी बनाई | 30 वर्ष की उम्र में उन्होंने इटली के मिलान शहर जाकर वहा के शासक लुद्विको सोर्जा के लिए न केवल दरबारी चित्रकारी की बल्कि सेना के उपयोग के लिए पुल ,नहर ,नहरों का जाल , भाप द्वारा चलायी गयी तोपों का डिजाईन बनाने का काम भी किया | उन्होंने प्रसिद्ध पेंटिंग लास्ट सपर और मोनालिसा गील प्लास्टर से वाटरकलर द्वारा बनाई |

पेरिस के म्यूजियम में सुशोभित मोनालिसा की डेढ़ इंची मुस्कान वाली खुबसुरत पेंटिंग को देखकर उनकी प्रतिभा की प्रसंशा किये बिना नही रहते | लियानार्दो ने इटली , रोम तथा फ्रांस में रहते हुए अनेक वास्तु एवं चित्रकला के मॉडल तैयार किये | उन्होंने एक अलार्म घड़ी का अविष्कार किया | लैम्प के लिए चिमनी तथा नीचे उतरने हेतु पेराशूट का निर्माण भी किया | वातानुकूलित संयत्र की तकनीक भी तैयार की | पानी में चल सकने वाल जूते , पैडल से चलने वाली नाव का डिजाईन भी तैयार किया |

उन्होंने अपनी नोटबुक में प्रकृति की समस्त चीजो का ज्ञान सुरक्षित रखा हुआ है | लियानार्दो (Leonardo da Vinci) ने 30 मानव शरीरो का विच्छेदन करके एक एक अंग का बारीकी से चित्रन किया | पानी का बहना , बुलबुले ,बालो का घुंघरालापन का बारीकी से चित्रण करने के साथ साथ हवाई जहाज , पनडुब्बी के भी चित्र बनाये | लियानार्दो को युद्ध से सख्त नफरत थी | उन्होने सैनिको के लिए मास्क भी तैयार किये थे | अपने जीवनकाल में उन्हें पिता द्वारा कोई सम्पति नही मिली | सौतेले भाइयो ने उनसे सब कुछ छीन लिया | उनके अविष्कारों और असाधारण काल्पनिक चित्रों के विरोध में चर्चो का रुढ़िवादी संघठन हमेशा खड़ा होता रहा | इन विरोधो के बीच भी वे आजीवन कार्य करते रहे | 2 मई 1519 को वह प्रभु को प्यारे हो गये |

लियानार्दो द विन्सी (Leonardo da Vinci) विश्व के असाधारण कलाकार थे | चित्रकला और वास्तुकला के द्वारा उन्होंने विभिन्न अविष्कारों के लिए पुख्ता जमीन तैयार की थी | उनकी चित्रकारी एवं अभियांत्रिकी संबधी योग्यता इतनी बेजोड़ थी कि आने वाले वैज्ञानिकों के लिए वे प्रेरणास्त्रोत और आधारस्तम्भ बने रहेंगे |

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