Lewis Carroll Biography in Hindi | लुईस कैरोल की जीवनी

Lewis Carroll Biography in Hindi | लुईस कैरोल की जीवनी

Lewis Carroll Biography in Hindi | लुईस कैरोल की जीवनी

चार्ल्स लुडविन डॉगसन का नाम कम ही लोग जानते है लेकिन इनके उपनाम लुईस कैरोल (Lewis Carroll) से सब वाकिफ है | दरअसल चार्ल्स अपने छद्म नाम लुईस कैरोल (Lewis Carroll) से बच्चो की कहानियाँ लिखते थे | Alice in Wonderland उनकी विश्वविख्यात कृतियों में शामिल है | लुईस कैरोल का जन्म इंग्लैंड के एक गाँव डेअर्सबरी में 27 जनवरी 1832 को हुआ | अपने ग्यारह भाई-बहनों में वे सबसे बड़े थे | उनके पिता एक पादरी थे और चर्च में बने घर में ही अपने परिवार के साथ रहते थे |

कैरोल (Lewis Carroll) बचपन से ही गणित में होशियार थे और कई पुरुस्कार अर्जित किये थे | 20 साल की उम्र में उन्हें छात्रवृति मिली , साथ ही क्राइस्ट कॉलेज में गणित के लेक्चरर के रूप में नियुक्ति भी | शिक्षक के साथ साथ वे एक जोशीले फोटोग्राफर , निबन्ध लेखक ,राजनितिक पर्चे लिखनेवाले और कवि भी थे | कैरोल बोलते समय थोडा हकलाते थे लेकिन जब वे बच्चों के साथ होते तो बड़े आराम से बाते कर लिया करते थे | उनका मनोरंजन करना उन्हें बहुत अच्छा लगता था | और वो हेनरी जोर्ज लिडेल की बेटी एलिस लिडेल ही थी जिसे उनकी उत्कृष्ट प्रेरणा का श्रेय दिया जा सकता है |

एलिस घंटो उनके पास बैठी रहती और वे उसे सपनों के संसार की शानदार कहानिया सुनाते रहते | एक बार एक पिकनिक के दौरान कैरोल ने एलिस और उसकी दो बहनों को एक कहानी सुनाई जो बाद में Alice Adventures in Wonderland के रूप में सामने आयी | जब एलिस घर आयी तो उसने उस कहानी को लिखकर रख लिया | अब एलिस के आग्रह पर कैरोल (Lewis Carroll) उसे रोज आगे की कहानी सुनाने लगे और यह एक लम्बी धारावाहिक कहानी हो गयी |

ये कहानी जब उपन्यासकार हेनरी किंग्सले के हाथो पड़ी तो उन्होंने कैरोल (Lewis Carroll) से उसे प्रकाशित कराने का आग्रह किया | सन 1865 में यह पुस्तक Alice Adventures in Wonderland के नाम से प्रकाशित हुयी |   यह पुस्तक इतनी लोकप्रिय हुयी कि कैरोल ने इसके दो ओर भाग लिखे Throw the Looking Glass और What Alice Found there ? ये वर्ष 1871 में प्रकाशित हुए | 14 जनवरी 1898 में उनकी मृत्यु तक एलिस इंग्लैंड की बेंचो की सबसे लोकप्रिय पुस्तक बन चुकी और सन 1932 तक यह दुनिया की एक सबसे लोकप्रिय पुस्तक हो गयी | इन पुस्तको के आलावा उन्होंने कविताओं की कई पुस्तके लिखी , दर्जनों निबन्ध लिखे और गणित विषय पर अनेक पुस्तके लिखी | उनकी ऐलिस इन वंडरलैंड आज भी दुनिया में बड़ी दिलचस्पी के साथ पढ़ी जाती है |

Leave a Reply