Mahendra Kapoor Biography in Hindi | गायक महेंद्र कपूर की जीवनी

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Mahendra Kapoor Biography in Hindi
Mahendra Kapoor Biography in Hindi

यदि किसी इंसान में कुछ कर दिखाने का हौसला हो , मन में दृढ़ संकल्प हो तो उसकी मंजिल आसान हो जाती है | ऐसे ही एक 12 वर्षीय लडके ने , जिसे गायिकी का शौक था अपने जमाने के प्रसिद्ध फ़िल्मी गायक मोहम्मद रफी से मिलने की जिद पकड़ ली | उस लडके ने 1946 में दिलीप कुमार अभिनीत फिल्म “जुगनू” के गाने सुने थे जिसके बोल थे “यहाँ बदला वफा का बेवफाई के सिवा क्या है | मोहब्बत करके देखा तो मोहब्बत में ही धोखा है | मोहब्बत करने वालो का तडपना किसने देखा है ?” यह गाना नूरजहाँ और मो,रफी ने गया था |

9 जनवरी 1934 को अमृतसर के कपूर खानदान में पैदा हुए महेंद्र कपूर (Mahendra Kapoor) को बचपन से ही गाने का शौक था | उनके पिता का मुम्बई में कारोबार था | जब वह 12 वर्ष के थे तो उन्होंने फिल्म “जुगनू ” के गाने सुने | वह जहां भी अकेले होते उस गीत को गुनगुनाते | वह उस गायक से मिलना चाहते थे जिसने यह गीत गाया था | 1947 में भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ था | मो.रफी भी लाहौर छोडकर मुम्बई आ चुकत हे | वह भिन्डी बाजार में रहते थे |

रफी के फेन 12 वर्षीय महेंद्र (Mahendra Kapoor) ने रफी से मिलने की जिद पकड़ ली | उन्होंने अपने ड्राईवर से कहा कि मुझे मो.रफी से मिलवाओ | ड्राईवर रफी के घर उन्हें लेकर पहुचा | डरते डरते उसने रफी के घर की घंटी बजाई | दरवाजा खुला | सामने एक आदमी लूंगी-बनियान पहन कर खड़ा ठा | कहो क्या बात है ? किससे मिलना चाहते हो | उस लडके ने कहा कि मै मो.रफी का मुरीद हु | उनके दर्शन करना चाहता ही | रफी ने कहा “अंदर आ जाओ | बैठो मै ही मो.रफी हु | वह रफी से मिलकर बड़ा खुश हुआ | रफी ने पूछा “क्या तुम्हे गाने-बजाने का शौक है या तुम्हे गाना गाता है ?”

महेंद्र कपूर (Mahendra Kapoor) ने कहा “हां, अपने पिता या भाई के साथ कुछ गुनुगुना लेता हु ” | रफ़ी साहब ने कहा “ठीक है अपने पिता या भाई को लेकर कल आना “| दुसरे दिन वहह अपने पिता के साथ रफी के घर पहुचा | उसने कहा कि मुझे गाना गाने का बड़ा शौक है | मै आपका शागिर्द बनना चाहता हु | उसकी लगन देखकर रफी साहब बड़े खुश हुए | उन्होंने उसे लडके को एक हारमोनियम खरीद कर दिया | धीरे धीरे वह गायक महेंद्र कपूर के नाम से प्रसिद्ध हुए |

महेंद्र कपूर (Mahendra Kapoor) का फिल्म “उपकार” के लिये गाया गीत “मेरे देश की धरती सोना उगले-उगले हीरे मोती” किसी भी राष्ट्रीय पर्व पर अक्सर सुनने को मिलता रहता है | “नीले गगन के तले” , “चलो एक बार फिर अजनबी बन जाए ” , “तुम अगर साथ देने का वादा करो” जैसे सुरीले गीत गाने वाले महेंद्र कपूर (Mahendra Kapoor) 27 सितम्बर 2008 को दुनिया छोडकर चले गये पर आज भी उनके गाये गीत लोगो को बहुत पसंद आते है |

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