Maulvi Barkatullah Biography in Hindi | क्रांतिकारी मौलवी बरकतुल्ला की जीवनी

Maulvi Barkatullah Biography in Hindi

Maulvi Barkatullah Biography in Hindi

प्रसिद्ध क्रांतिकारी मौलवी बरकतउल्ला (Maulvi Barkatullah) भोपाल के निवासी थे | उनका जन्म एक सम्पन्न परिवार में हुआ था | भारत में शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गये लेकिन इंग्लैंड जाकर उनके जीवन की दिशा बदल गयी | वे इंग्लैंड में काम कर रहे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के सम्पर्क में आ गये और इस दृढ़ निश्चय के साथ स्वदेश वापस आ गये कि भारत को अंग्रेजो की दासता से मुक्ति दिलानी है | यहा आकर उनका राजा महेंद्र प्रताप आदि देशभक्तों से सम्पर्क हुआ |

जब देश में उनकी गतिविधियों से पुलिस सतर्क रहने लगी तो बरकतउल्ला (Maulvi Barkatullah) जापान चले गये | रास बिहारी बोस आदि पहले वहा जा चुके थे | मौलवी ने अपनी राजनितिक गतिविधिया गुप्त रखने के लिए वहा हिन्दुस्तानी भाषा पढाने का काम हाथ में ले लिया |किन्तु मौलवी की जापान में उपस्थिति की सुचना ब्रिटिश सरकार के जासूसों को लग गयी | इस पर वे चुपचाप अमेरिका चले गये | वहा उनका सम्पर्क गदर पार्टी के सदस्यों से हुआ | फिर प्रथम विश्वयुद्ध की परिस्थितियों का लाभ उठाने की दृष्टि से यूरोप आ गये |

उनका तथा उनके अन्य समर्थको का विचार था कि जर्मनी के सहयोग से अंग्रेजों को भारत से खदेड़ दिया जाए | वे इसी सिलसिले में आये और राजा महेंद्र प्रताप के साथ मिलकर अफगानिस्तान में पहली अस्थाई आजाद हिन्द सरकार की स्थापना की लेकिन अंग्रेजो के दबाव के कारण अफगानिस्तान से कोई मदद नही मिलती देखकर वे जर्मनी चले गये | वहा उन्होंने भारतीय युद्धबंदी सैनिको के अंदर अंग्रेजो के विरुद्ध भावना भरने का प्रयत्न किया |

बरकतउल्ला (Maulvi Barkatullah) ने 1921 में रूस की भी यात्रा की और उसी दौरान देश से बाहर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी की पहली बार स्थापना की | 1927 में उन्होंने ब्रुसेल्स में आयोजित साम्राज्यवाद विरोधी सम्मेलन में भाग लिया | अपने जीवन के अधिकांश भाग देश के लिए अलख जगाते हुए बिताने वाले इस देशभक्त का देहांत अपनों से दूर जर्मनी में 5 जनवरी 1928 ईस्वी को हो गया |

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