Michael Phelps Biography in Hindi | माइकल फेल्प्स की जीवनी

Michael Phelps Biography in Hindi | माइकल फेल्प्स की जीवनी

Michael Phelps Biography in Hindi | माइकल फेल्प्स की जीवनी

माइकल फेल्प्स (Michael Phelps) अमेरिकी तैराक है | तीन ओलम्पिक में अब तक उन्होंने 18 Gold Medal जीते है | उनके नाम ओलम्पिक में सबसे ज्यादा पदक जीतने का रिकॉर्ड है | माइकल फेल्प्स (Michael Phelps) का जन्म संयुक्त राज्य अमेरिका के बाल्टीमोर में मैरीलैंड में 30 जून 1985 को हुआ था | उनके पिता खेलो के शौक़ीन थे और माँ अध्यापिका थी | जब उनकी दो बहनों ने तैराकी सीखने जाना शुरू किया तो शौकिया वे भी जाने लगे | बहनों ने उन्हें भी तैराकी की प्रेरणा दी लेकिन वे पानी में जाने से डरते थे खासकर सिर को पानी में डालना उन्हें मुश्किल लगता था तब कोच ने उन्हें पीठ के बल तैरने की इजाजत दे दी |

धीरे धीरे फेल्प्स (Michael Phelps) को तैराकी रास आने लगी | इसी दौरान 11 वर्षीय फेल्प्स को वर्ष 1966 में अटलांटा ओलम्पिक देखने का मौका मिला | टॉम माल्को और टॉम डोलन की उत्कृष्ट तैराकी देखकर उनके मन में भी बड़ा चैंपियन बनने का जज्बा पैदा हुआ | इसी दौरान कोच बॉब बोमन की नजर उन पर पड़ी | उनके आसाधारण रूप से लम्बे हाथ-पैर और जीत के लिए कड़ी मेहनत से उन्हें बेहद प्रभावित किया | वे उन्हें कोचिंग देने लगे और गुरु-शिष्य दोनों ने मिलकर नया इतिहास रच दिया |

15 साल की उम्र में उन्हें अमेरिकी टीम में शामिल किया गया और सिडनी ओलम्पिक 2000 में भाग लेने का मौका मिला , लेकिन यहाँ उन्हें एक भी पदक नही मिला | इससे सबक लेकर वे जी-तोड़ प्रयास में जुट गये थे और अगले ही साल 200 मीटर बटरफ्लाई ,उन्होंने World Record बनाया | फिर अपने बनाये रिकॉर्ड को ही तोड़ डाला  और दो साल के भीतर पांच वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए | वर्ष 2000 के एथेंस ओलम्पिक तक वे तैराकी के सुपरस्टार के तौर पर जाने गये थे | यहाँ उन्होंने छ गोल्ड और दो ब्रोंजमैडल झटके |

इसके चार साल बाद बीजिंग ओलम्पिक में तो उन्होंने एक अभूतपूर्व इतिहास रच डाला | उन्होंने आठ स्पर्धाओं में हिस्सा लेकर आठ गोल्ड मैडल जीते | ओलम्पिक के इतिहास में एक ओलम्पिक में इतने गोल्ड मैडल आज तक कोई खिलाड़ी नही जीत पाया | – भविष्य में भी इसकी उम्मीद कम ही दिखाई पडती है | यह रिकॉर्ड आज भी उन्ही के नाम दर्ज है | वर्ष 2012 में लन्दन ओलम्पिक में उन्होंने 4 गोल्ड और 2 सिल्वर जीतकर रूस की जिनास्ट लैरिसा लेतनीना के कुल 18 पदको के रिकॉर्ड को तोडा |

लन्दन ओलम्पिक के बाद उन्होंने तैराकी से सन्यास लेने की घोषणा कर दी लेकिन यह पूछे जाने पर कि क्या वे वर्ष 2016 के रियो ओलम्पिक में भाग ललेंगे ? उन्होंने कहा कि भविष्य का क्या होगा , इस बारे में अभी से कुछ नही कहा जा सकता | उनके विश्व रिकॉर्ड के अलावा राज्य और स्थानीय स्तर पर जीते गये मेडलो की बड़ी संख्या है | अनेक सम्मान और उपाधियाँ भी उनकी झोली में गिरे जिनमे फीना  स्विमर ऑफ़ द इयर अवार्ड , गोल्डन गोगल अवार्ड , जेमन इ.सुलिवन अवार्ड , एथेलेट ऑफ़ द इयर अवार्ड इत्यादि शामिल है | ये पुरुसक्र उन्हें कई-कई बार मिले है |

माइकल फेल्प्स (Michael Phelps) का जीवन कड़ी मेहनत और लगन के बल पर तपकर सोना बन गया | उनका जीवन हमे यह प्रेरणा देता है कि कड़ी मेहनत और कभी न हार मानने का हौसला हमे कहा से कहा पहुचा सकता है | इस प्रकार हम अपने सभी अभिष्ट लक्ष्य हासिल कर सकते है

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