Michelangelo Biography in Hindi | मशहूर मूर्तिकार माइकल एंजेलो की जीवनी

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Michelangelo Biography in Hindi | मशहूर मूर्तिकार माइकल एंजेलो की जीवनीमाइकल एंजेलो का पूरा नाम Michelangelo di Lodovico Buonarroti Simoni था | उनका जन्म 6 मार्च 1475 को हुआ था | माइकल एंजेलो (Michelangelo) पुनर्जागरण काल के एक मूर्तिकार ,वास्तुकार ,चित्रकार तथा कवि थे | वे सिस्टीन चैपल की “फ्रेस्को” “सीलिंग” “आल्टर पर लास्ट जजमेंट ” “द मार्टिदम ऑफ़ सेंट पीटर” “द कन्वर्शन ऑफ़ सेंटर पॉल” आदि अनेक विख्यात निर्माणों के लिए जाने जाते है | उन्होंने सेंट पीटर बैसिलिका का गुम्बद तैयार किया था |

माइकल एंजेलो (Michelangelo) का जन्म टुस्केनी ,इटली में हुआ था | उनके पिता लोडोविसो कैपरसी के रेजिडेंट मजिस्ट्रेट थे | हालांकि माइकल एंजेलो का पालन पोषण फ्लोरेंस में हुआ तथा बाद में वे सैटिगनैनो के मूर्तिकार एवं उसकी पत्नी के साथ रहे | वही उनके पिता की संगमरमर की खान और छोटा सा फ़ार्म था | उन्होंने पिता की इच्छा के विरुद्ध जाकर तीन साल के लिए डोमोनिको थिरलैंडइओ के अपरेंटिस थे | डोमोनिको से प्रभावित होकर होकर उन्हें फ्लोरेंस शासक लोरेंजो के पास भेज दिया गया |

1490 से 1492 तक माइकल एंजेलो (Michelangelo) ने लोरेंजो के स्कूल में बहुत कुछ सीखा | वहा वे कई प्रभावी व्यक्तियों के सम्पर्क में आये | इसी दौरान कला और कामुकता के विषय में उनके विचार बदल गये | इसी अवधि में उन्होंने “बैटल ऑफ़ द कैंटर्स” तथा “मैडोना ऑफ़ द स्टेप्स” पर काम किया | लोरेंजो मी मृत्यु के बाद उसके पुत्र ने माइकल को समर्थन देने से इनकार कर दिया | तब तक फ्लोरेंस में सैवोनारोला के विचार काफी लोकप्रिय हो गये थे |

माईकल (Michelangelo) ने उनके दबावों के चलते शहर छोड़ दिया तथा बोलोगना आकर रहने लगे | इसके फौरन बाद कार्डिनल सैन जियोर्जियो ने माइकल एंजेलो (Michelangelo) का संगमरमर का क्यूपिड खरीदा तथा 1496 में उन्हें रोम बुलाने का निर्णय लिया | रोमन कला से प्रभावित होकर माइकल ने “बैशस एंड पीटा” प्रस्तुत की |

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