Mike Tyson Biography in Hindi | मुक्केबाज माइक टायसन की जीवनी

Mike Tyson Biography in Hindi | मुक्केबाज माइक टायसन की जीवनीमुक्केबाज मोहम्मद अली का नाम जितनी चर्चा में रहा ,उससे भी कही अधिक विवादग्रस्त भी रहे है माइक टायसन (Mike Tyson) |  टायसन दुनिया के ऐसे सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज (Boxer) है जिन्होंने पेशवर बॉक्सिंग (Professional Boxing) में सबसे कम उम्र का हैवीवेट चैंपियन (Heavyweight Champion ) होने का खिताब अपने नाम दर्ज कराया | लोकप्रियता की चरम बुलन्दियो पर पहुचे इस खिलाड़ी का व्यक्तित्व कुछ अप्रत्याक्षित घटनाओं के कारण काफी उतार चढाव से घिरा रहा | इन्होने अपने पेशेवर इस खेल से काफी नाम एवं धनराशि बटोरी | आइये उनकी जीवनी से आपको रुबरु करवाते है

माइक टायसन (Mike Tyson) का जन्म ब्रुकलीन (Brooklyn) अमेरिका में 29 जून 1966 को हुआ था | इनके जन्म के कुछ ही दिनों में माता-पिता चल बसे जिसके कारण ये असामाजिक तत्वों के सम्पर्क में दुर्भाग्यवश आ गये थे | इस अश्वेत खिलाड़ी का जीवन काफ़ी संघर्ष से भरा रहा | सन 1990 में जब इन्होने पेशेवर बॉक्सिंग (Professional Boxing) की शुरुवात की थी तो ये मुक्केबाजी के 37 मुकाबले जीत चुके थे | इनके खेलने की आक्रामक शैली देखकर ऐसा लगता था कि इन्हें कभी कोई पराजित नही कर पायेगा |

फरवरी 1990 में ही जेम्स डगलस ने टायसन (Mike Tyson) को हराकर सनसनी फैला दी | टायसन की इस हार ने मैच रेफरी ने गलत गिनती कर मैच का फैसला डगलस के पक्ष में कर दिया अन्यथा डगलस टायसन के घूंसों की मार खाकर उठने के काबिल भी नही रहे थे | 1991 में टायसन ने अपने आपको हैवीवेट चैंपियनशिप (Heavyweight Championship) के लिए तैयार किया | तब इनका स्कोर 38-1 था | टायसन का अगला मुकाबला नये हैवीवेट चैंपियन होली फील्ड से था जिसे टायसन ने जीता |

टायसन (Mike Tyson )ने अपने जीवन में सर्वाधिक मुकाबले जीते | इनके मुक्को की जबरदस्त मार से खिलाड़ी का सिर घूम जाया करता था | ये अपने खेल में इतने कुशल थे कि दर्शक इनका खेल देखने के लिए पुरी तरह से कुर्सियों पर बैठ भी नही पाते थे कि इनका खेल खत्म हो जाता था | अपने दांवो से ये विपक्षी मुक्केबाज (Boxer) को सैंकड़ के भीतर ही चलता कर देते थे |

माइक टायसन (Mike Tyson) जितने श्रेष्ठ खिलाड़ी है कहा जाता है कि उनका व्यक्तित्व उतना ही जटिल है जिसमे विवादों ,झगड़ो ,आरोपों मुकदमो के लिए जगह हमेशा बनी रहती है | जितना धन इन्होने कमाया है उतना किसी मुक्केबाज ने नही किन्तु यह धनराशि तलाको , मुकदमो के कारण में अधिकतर खर्च होती रही | टायसन को महंगी कारो का बेहद शौक है | एक खिलाड़ी के रूप में हमे इन्हें अधिक जानना चाहिए न कि इनके व्यतिगत मामलो के कारण | इनका गठीला शरीर अपार शक्ति का प्रतीक माना जाता है | अपने स्वभाव के कारण ही ये कभी खेल के भीतर तो कभी बाहर होते रहते है |

One Response

  1. Aditya singh August 23, 2017

Leave a Reply