Niels Bohr Biography in Hindi | परमाणु संरचना के आविष्कारक नील्स बोर की जीवनी

Niels Bohr Biography in Hindi | परमाणु संरचना के आविष्कारक नील्स बोर की जीवनीनील्स बोर (Niels Bohr) का नाम आज विश्व के समस्त विद्यार्थी जानते है क्योंकि छोटी कक्षाओ से ही हर विद्यार्थी को परमाणु संरचना का ज्ञान कराया जाता है और उसमे नील्स बोर का नाम अवश्य आता है | इस डेनिस भौतिकशास्त्री का जन्म 1885 में हुआ था | इन्होने बोर का सिद्धांत प्रतिपादित किया था | इनसे पहले रदरफोर्ड नामक वैज्ञानिक ने यह बताया था कि परमाणु के केन्द्रीय भाग में नाभिक होता है जिसमे न्युट्रोन और प्रोटोन होते है |

बोर (Niels Bohr) ने बताया था कि परमाणु के अंदर ऋण आवेशित कण होते है जो विभिन्न कक्षाओं में नाभिक के चारो ओर घूमते रहते है | उदासीन परमाणु के अंदर इलेक्ट्रान और प्रोटोनो की संखया बराबर होती है | नील्स बोर ने सुझाव दिया था कि जब परमाणु इलेक्ट्रान उर्जा अवशोषित करता है तो वह अपनी कक्षा से उपर की कक्षा में चला जाता है और जब उपरी कक्षा से नीचे आता है तो अवशोषित उर्जा को विकिरण के रूप में उत्सर्जित करता है | इस उर्जा को क्वांटम के रूप में मापा जाता है |

बोर (Niels Bohr) ने यह भी बताया था कि किसी परमाणु में सबसे बाहरी कक्षा के इलेक्ट्रान उस तत्व के रासायनिक गुणों को दर्शाते है | इन एलेक्ट्रोनो को वलेंसी इलेक्ट्रान कहते है | बोर ने हाइड्रोजन परमाणु के लिए सिद्धांत विकसित किया | हाइड्रोजन का परमाणु संरचना में सबसे सरल है और इसमें केवल एक इलेक्ट्रान होता है | अपने सर्वश्रेष्ठ कार्यो के लिए नील्स बोर (Niels Bohr) को सन 1922 में भौतिकी के नोबल पुरूस्कार से सम्मानित किया गया था |

दुसरे विश्वयुद्ध में परमाणु बम निर्माण योजना में बोर ने एक सलाहकार की भूमिका निभाई | सन 1945 के बाद अधिकाँश समय इन्होने परमाणु उर्जा के शांतिपूर्ण उपयोगो के कार्यो के लिए लगाया | सन 1962 में यह महान वैज्ञानिक भगवान को प्यारा हो गया | इन्होने अपने जीवनकाल में परमाणु की अनेक जटिलताओ को सुलझाया | नील्स बोर को हम कभी नही भुला पायेंगे | नील बोर भारत भी आये और उन्होंने यहा भौतिकी पर कई भाषण भी दिए | बोर (Niels Bohr) का हाइड्रोजन परमाणु का सिद्धांत विश्वप्रसिद्ध है जो हमारे देश में दसवी और बारहवी के बच्चो को पढाया जाता है | परमाणु भौतिकी में उनके द्वारा दिए गये सिद्धांतो को हमेशा याद रखा जाएगा |

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  1. vikash Raghav July 6, 2017

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