Paresh Rawal Biography in Hindi | अभिनेता परेश रावल की जीवनी

Paresh Rawal Biography in Hindi

Paresh Rawal Biography in Hindi

तीन फिल्मफेयर तथा एक राष्ट्रीय पुरुस्कार जीत चुके पद्मश्री परेश रावल (Paresh Rawal) का जन्म 30 मई 1950 को मुम्बई में हुआ था | उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुवात 1984 में फिल्म “होली” से की थी परंतु उन्हें वास्तविक पहचान मिली फिल्म “नाम” से | 1980-90 के दौरान उन्होंने किंग अंकल , कब्जा ,राम लखन , दौड़ और बाजी सहित कई फिल्मो में विलेन के किरदार निभाये | 1990 में उन्होंने फिल्म अंदाज अपना अपना में डबल रोल निभाकर सिद्ध कर दिया कि वह कॉमेडी किरदारों में भी लाजवाब है |

सन 2000 में फिल्म हेराफेरी में उनके द्वारा निभाया गया बाबुराव गणपतराव आप्टे का किरदार आज भी लोगो के दिलो में गुदगुदे पैदा कर देता है | उसके बाद तो उन्होंने आवारा पागल दीवाना , हलचल , गरम मसाला , मालामाल वीकली , गोलमाल और वेलकम जैसी फिल्मो में कॉमेडी किरदार निभाकर दर्शको के समक्ष कॉमेडी के नये आयाम पेश किये | उन्होंने तीन बहुरानिया , मै ऐसी क्यों हु तथा लागी तुझसे लगन जैसे टीवी धारावाहिकों का निर्माण भी किया |

उनकी उल्लेखनीय फिल्मो में मिर्च मसाला , डकैत , अवारागी , योद्धा , माया मेमसाब , दामिनी , सरदार , मोहरा , फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी , फंटूस , भूल-भुलैया , ओय लक्की लक्की ओये , अथिति तुम कम जाओगे , राजा नटवर लाल तथा वेलकम बेक शामिल है | वह पूर्वी अहमदाबाद से भाजपा के सांसद भी है | उनका विवाह स्वरूप सम्पत से हुआ जिनसे दो बेटे आदित्य और अनिरुद्ध है |

1979 में मिस इंडिया बनने वाली स्वरूप सम्पत ने मिस वर्ल्ड में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था | यूनिवर्सिटी ऑफ़ वॉरसिस्टर में पी.एच,डी. करने के बाद उन्होंने ड्रामा का प्रयोग करके सीखने में अक्षम बच्चो में जीवन कौशल में वृद्धि करने हेतु अपना डोक्ट्रोल थीसिस पूरा किया | स्वरूप ने 1981 में नाखुदा और नर्म गर्म जैसी फिल्मो से अपने अभिनय करियर की शुरुवात की |

सन 1984 में आयी फिल्म करिश्मा में उन्होंने बिकनी पहन कर दर्शको को अपनी आकर्षक फिगर से अचम्भित कर दिया था | उनके द्वारा अभिनीत अन्य फिल्मो में सवाल , हिम्मतवाला , लोरी , जान की बाजी तथा की एंड का शामिल है | उन्होंने धारावाहिकों में भी काम किया | पति परेश तथा दोनों बेटो के साथ सफल जीवन बिता रही स्वरूप उन दिनों फिल्मो में कम परन्तु अक्षम बच्चो को शिक्षा देने में अधिक सक्रिय है |

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