राजीव गांधी की जीवनी | Rajiv Gandhi Biography in Hindi

0
225
राजीव गांधी की जीवनी | Rajiv Gandhi Biography in Hindi
राजीव गांधी की जीवनी | Rajiv Gandhi Biography in Hindi

भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री “भारत रत्न” राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के जीवन का आरम्भ जिस प्रकार दुखद परिस्थीतीयो में हुआ था उसी प्रकार , वरन उससे भी अधिक हृदयविदारक स्थिति में उनका जीवांत हो गया | उन्होंने अपने कर्मठ जीवन में केवल 47 वर्ष ही देखे थे और अधिक उज्ज्वल भविष्य उनके सामने था | पर 1991 के संसद के मध्यावधि चुनाव-प्रचार अभियान के समय दिनांक 21 मई 1991 की रात में मद्रास से 40 किमी दूर श्री पेरम्बूटूर की एक सार्वजनिक सभा के मंच के पास भीषण बम विस्फोट करके उनके प्राण ले लिए गये |

राजीव (Rajiv Gandhi) फिरोज गांधी और इंदिरा गांधी के बड़े पुत्र थे | उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुम्बई के एक अस्पताल में हुआ था | उन्होंने देहरादून और इंग्लैंड में शिक्षा प्राप्त की और एयर पायलट के रूप में जीवन आरम्भ किया | इटली निवासी सोनिया से उन्होंने विवाह किया था | नेहरु जी के नाती और इंदिरा जी के पुत्र होते हुए भी राजीव की राजनीति में रूचि नही थी | वे हवाई जहाज उड़ाने के अपने काम में ही मस्त रहते थे | उनके छोटे भाई संजय गांधी अवश्य राजनीति में बढ़ -चढकर भाग लेते और अपनी माँ का हाथ बंटाते |

23 जून 1980 को दिल्ली में एक हवाई दुर्घटना में संजय की मृत्यु हो गयी और इंदिरा जी अकली पड़ गयी | तब राजीव (Rajiv Gandhi) ने माँ का हाथ बंटाने के लिए राजनीति में प्रवेश किया | शीघ्र ही वे लोकप्रिय भी हो गये और कांग्रेस के महामंत्री के रूप में उन्होंने संघठन को दृढ़ता प्रदान की | कुछ समय बाद एक ओर दुर्घटना घटी | 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सरकारी निवास के हाते के अंदर उन्ही के अंगरक्षको ने हत्या कर दी | इस राष्ट्रीय और व्यक्तिगत आघात के अवसर पर कांग्रेस दल की कार्य समिति के परामर्श पर , जिसका संसद में भी पूर्ण बहुमत था ,राष्ट्रपति ने 31 अक्टूबर 1984 को राजीवं गांधी (Rajiv Gandhi) को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई |

राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) ने अपने दायित्व का निर्वाह बड़े उत्तरदायित्व के साथ किया | इससे राष्ट्र की स्थिति सुदृढ़ हुयी और विश्व समुदाय में भारत की प्रतिष्टा में वृद्धि हुयी | 1984 में लोकसभा के चुनाव में राजीव गांधी के नेतृत्व में उनके दल को जितनी सीटे मिली उतनी जवाहरलाल नेहरु के समय में भी नही मिली थी | 1989 के आम चुनाव में कांग्रेस बहुमत प्राप्त नही कर सकी | इसका एक बड़ा कारण था स्वीडन से बोफोर्स तोपों की खरीद की दलाली का मिथ्या आरोप राजीव गांधी के विरुद्ध प्रचारित किया गया | यद्यपि उनके विरोधी 15 दिन के अंदर भांडाफोड़ करने का दावा करते थे पर 15 महीने के अपने शासनकाल में भी वे कोई तथ्य उनके विरुद्ध उजागर नही कर सके |

कांग्रेस दल 1989 में बहुमत न आते हुए भी संसद में सबसे बड़ा दल था पर राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) ने स्पष्ठ जनादेश मिलने तक विपक्ष में बैठना पसंद किया | विपक्षी दलों की सरकारे अपने अंतरविरोधो से बिखर गयी और 1991 में राष्ट्रपति ने मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा कर दी | राजीव गांधी इसी चुनाव अभियान के क्रम में देश का दौरा कर रहे थे और जनता बड़ी आशा भरी सम्भावनाओं का अनुमान लगा रही थी कि भयंकर षडयंत्र में 21 मई 1991 को उनकी हत्या कर दी गयी | राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) को 1991 में राष्ट्रपति ने मरणोपरांत “भारत रत्न” के सर्वोच्च सम्मान सम्मान से अलंकृत किया |

राजीवं गांधी जीवन एक नजर में | Rajiv Gandhi Facts in Hindi

जन्म नाम राजीव रत्न गांधी
जन्म तारीख 20 अगस्त 1944
जन्म स्थान बॉम्बे , भारत
मृत्यु 21 मई 1991 (आयु 46)
मृत्यु स्थान श्रीपेरुमबुदुर, तमिलनाडु
मृत्यु का कारण हत्या
समाधि वीर भूमि
राजनितिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
पत्नी सोनिया गांधी (विवाह वर्ष 1968)
बच्चे राहुल गांधी
प्रियंका गांधी
पिता फिरोज गांधी
माता इंदिरा गांधी
शिक्षा त्रिनित्री कॉलेज
इम्पीरियल कॉलेज लन्दन
कार्यक्षेत्र एयरक्राफ्ट पायलट
राजनीति
पद प्रधानमंत्री (1984-89)
सम्मान भारतरत्न (1991)
BiographyHindi.com के जरिये प्रसिद्ध लोगो की रोचक और प्रेरणादायक कहानियों को हम आप तक अपनी मातृभाषा हिंदी में पहुचाने का प्रयास कर रहे है | इस ब्लॉग के माध्यम से हम ना केवल भारत बल्कि विश्व के प्रेरणादायक व्यक्तियों की जीवनी से भी आपको रुबुरु करवा रहे है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here