Saina Nehwal Biography in Hindi | बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल की जीवनी

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Saina Nehwal Biography in Hindi | बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल की जीवनी
Saina Nehwal Biography in Hindi | बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल की जीवनी

एक समय था जबकि विश्व प्रसिद्ध भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का नाम मिडिया की सुर्खियों में रहता था परन्तु वर्ष 2006 में 16 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल (Saina Nehwal) ने अखबारों की सुर्खियों में अपना स्थान बनाया और Badminton Grand Prix जीतकर यह प्रतियोगिता जीतने वाली प्रथम महिला भारतीय होने का खिताब हासिल किया | सायना  का जन्म 17 मार्च 1990 में हरियाणा के हिसार में हुआ था | सायना नेहवाल के पिता का नाम श्री हरिवीर सिंह है जो भारतीय कृषि अनुसन्धान विभाग ,हैदराबाद में प्रमुख वैज्ञानिक है | सायना नेहवाल (Saina Nehwal) की माँ का नाम उषा नेहवाल है जो कि अपने समय में विश्वविद्यालय स्तर की बैडमिंटन चैंपियन थी |

सायना नेहवाल (Saina Nehwal) की बचपन से ही बैडमिंटन में गहरी रूचि थी अत:उनके माता-पिता ने सायना के लिए प्रसिद्ध बैडमिंटन कोच गोपीचंद से खेल का प्रशिक्षण आरम्भ करवा दिया | यद्यपि 9 वर्ष की आयु में सायना ने खेल आरम्भ कर दिया था और उनके कोच थे नानी प्रसाद , गोवर्धन रेड्डी तथा एस.एम्.आरीफ | सायना नेहवाल की कोचिंग हैदराबाद में भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद की अकादमी से हुई जहां पर स्वयं गोपीचंद ने सायना को बैडमिंटन के दांव-पीच सिखाये |

फिलिपीन्स ओपन बैडमिंटन में सायना ने अपने कोच गोपीचंद की अपेक्षाओं से बेहतर प्रदर्शन किया | टूर्नामेट में जाने से पूर्व सायना नेहवाल के बारे में कहा गया कि 16-17 वर्ष की इन खिलाडियों को मुख्य टूर्नामेंट में आने से पहले बी ग्रेड टूर्नामेंट में खिलाना चाहिए | इस मिथ्या को सायना नेहवाल ने टूर्नामेंट जीतकर गलत साबित कर दिया | उन्होंने अपनी प्रतिभा से यह सामान्य धारणा भी तोड़ दी कि अनुभवी खिलाड़ी ही प्रतियोगिता में जीत दिला सकते है |

सायना नेहवाल (Saina Nehwal) एशियाई सेटेलाईट बैडमिंटन 2005 जूनियर चेक ओपन , नेशनली जूनियर और सब जूनियर दो बार सीनियर नेशन्ली रनर अप 2005 में राष्ट्रमंडल युवा खेल स्पर्धा में सात पदक जीतने वाली टीम की सदस्य है | उनके खेल की मुख्य विशेषता आक्रामक खेल और हाफ स्मेश है | खेल के अतिरिक्त पुस्तके पढना तथा फिल्मे देखने में उनकी रूचि विशेष है | सायना नेहवाल ने मई 2006 में मनीला में मलेशिया की जूलिया पेई वोंग को हराकर फिलिपीन्स ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया | इस खेल में उन्होने सातवी वरीयता प्राप्त की और विश्व की नम्बर 66 खिलाड़ी को मात दी थी |

सायना (Saina Nehwal) को इस जीत पर विशवास नही हो रहा था और उनके कोच गोपीचंद बहुत खुश थे | सायना नेहवाल ने इस जीत का श्रेय गोपीचंद को दिया | वही गोपीचंद को अपनी इस शिष्या पर गर्व था | सायना के पूर्व भारत की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अपर्णा पोपट ने ही 1999 में स्वीडिश ओपन में सेमी फाइनल में प्रवेश पाया था | इस जीत के दौरान उसने विश्व की 4 नम्बर की खिलाड़ी जर्मनी की जू हवाईवेन को क्वार्टरफाइनल में हराया था | सायना नेहवाल की उस वक्त रैंकिंग 86 हो गयी थी जबकि इससे पूर्व उनकी रैंकिंग 185 थी |

सायना नेहवाल ने 2006 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली | वह स्टार बैडमिंटन टूर्नामेंट जीतने वाली भारत की प्रथम महिला बनी | फिलिपिन्स ओपन फोर स्टार टूर्नामेंट था | सायना ने कॉमनवेल्थ खेलो में मिक्स्ड टीम इवेंट में काँस्य पदक जीता था | वर्ष 2006 में सायना की प्रतिभा तब सबके सामने आयी जब जयपुर में उबेर कप क्वार्टरफाइनल में उसने थाईलैंड की सरोजिता चांसरी सुकोट को हराकर भारत को जीत दिलाई |

इसके बाद सायना (Saina Nehwal) ने ऑस्ट्रेलिया के अन्य खिलाडियों के अतिरिक्त इंग्लैंड की ट्रेसी हेल्म को हराया | काँस्य पदक जीतने के दौरान उसने न्यूजीलैंड की रिबैका बेलिंघम को भी हराया | दिसम्बर 2006 को दोहा एशियाई खेलो में सायना का प्रदर्शन सामान्य रहा | उन्होंने दुनिया की 14वे नम्बर की खिलाड़ी एरिको हिरोसे के साथ जमकर मुकाबला किया | सितम्बर 2006 में सायना नेहवाल ने 11 अंको की छलांग लगाते हुए विश्व रैंकिंग में 30वा स्थान हासिल किया |

वर्ष 2007 में थोड़ी धीमी रफ्तार के बाद सायना ने फिर जमकर शॉट मारे और 2008 को अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ वर्ष बना लिया | इसी वर्ष में बीजिंग ओलम्पिक खेलो में मैडल लेने में असफल रही परन्तु क्वार्टरफाइनल में पहुचने वाली प्रथम भारतीय महिला बन गयी | उन्होंने विश्व की चौथे नम्बर और हांगकांग की चौथे सीड की वांग चेन को हरा दिया था | ओलम्पिक से पहले नेहवाल ने दक्षिण एशिया में खूब धूम मचाई थी | वे थाईलैंड ओपन के ग्रा.पी,ओल्ड और सिंगापुर सीरिज 2008 के सेमीफाइनल में पहुच गयी थी | उन्होंने अपना दूसरा ग्रा.पी, चाइनीज ताइपी ग्रा.प्री. भी जीता |

फीलिपंस ओपन और कॉमनवेल्थ यूथ गमेश चैंपियनशिप और उसके बाद पुणे में उन्होंने विश्व खिताब जीत लिया | सायना नेहवाल का करियर ऐसे समय में फला फुला जब उन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता है | सरकार के अलावा उन्हें लन्दन के इस्पात उद्योगपति लक्ष्मीनारायण मित्तल द्वारा स्थापित चैंपियंस ट्रस्ट भी टूर्नामेंट के समय पैसे की कमी पूरा करने के लिए सदैव तत्पर रहते है | उनकी प्रबन्धक कमेटी ग्लोबो स्पोर्ट्स ने भी उनके साथ कुछ करार किया है | सायना नेहवाल (Saina Nehwal) के प्रशिक्षको का मानना है कि सायना में विश्व चैंपियन बनने के सभी गुण मौजूद है |

सायना नेहवाल एक नजर में

जन्म नाम सायना नेहवाल
राष्ट्रीयता भारत
जन्म तारीख 17 मार्च 1990
जन्म स्थान हिसार ,हरियाणा
निवास स्थान हैदराबाद
पिताजी का नाम डा. हरवीर सिंह नेहवाल
माता का नाम उषा नेहवाल
भाई नही है
बहन चन्द्र्शु नेहवाल
कद 1.65 मी. (5 फीट 5 इंच)
वजन 66 कि.ग्रा. (146 lb)
कोच पुलेला गोपीचंद
पसंदीदा खाना आलू पराठा
पसंदीदा अभिनेता शाहरुख खान
पसंदीदा खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर , रोजर फेडरर
पसंदीदा जगह सिंगापुर
हॉबी घूमना-फिरना
वैवाहिक स्थिति अविवाहित
सम्मान अर्जुन अवार्ड (2009)
पद्मश्री (2010)
राजीव गांधी खेल रत्न पुरुस्कार (2009–2010)
पद्मभूषण (2016)
महिला सिंगल
करियर टाइटल 23
श्रेष्टतम रैंकिंग 1 (2 April 2015)
वर्तमान रैंकिंग 10 (19 July 2018)

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