Sir Frederick Gowland Hopkins Biography in Hindi | विटामिन के जनक सर फ्रेडरिक गोलैंड हापकिन्स की जीवनी

0
67

Sir Frederick Gowland Hopkins Biography in Hindi | विटामिन के जनक सर फ्रेडरिक गोलैंड हापकिन्स की जीवनीभोजन के विषय में अनुसन्धान करने वाल हापकिन्स (Sir Frederick Gowland Hopkins) का जन्म सन 1861 में हुआ था | इनके बचपन में ही इनके पिता का देहांत हो गया | इनकी स्कूली शिक्षा भी छात्रावास एम् रहकर ही पुरी हुयी | अनेक कठिनाईयाँ के बाद इनकी शिक्षा पुरी हुयी | शिक्षा पुरी होने के बाद इन्होने जैव रसायनशास्त्र में कार्य करना आरम्भ किया | 20 वर्ष की उम्र में इन्हें अपने दादा से कुछ पैसा प्राप्त हुआ और इस पैसे से इन्होने कार्य करना आरम्भ किया |

हापकिन्स (Sir Frederick Gowland Hopkins) ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में काम करना आरम्भ किया | सन 1903 में उन्होंने अपने शोधपत्रों में चूहों पर प्रयोग करके प्रोटीन ,कार्बोहाइड्रेट और चर्बीयुक्त भोजन का महत्व बताया | इस भोजन से चूहे दीर्घजीवी हो गये | सन 1906 में हापकिन्स ने विटामिन संबधी खोजो को प्रकाशित कराया और यह बताया कि शरीर को निरोगी रखने में विटामिनो का विशेष योगदान होता है | बारह वर्ष के कठिन परिश्रम के बाद 49 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना सारा समय जैव रसायन के शोध कार्यो में लगा दिया |

अपने अनुसन्धानो के आधार पर इन्होने यह सिद्ध करके बताया कि भोजन में खमीर मिलाने से उसका स्वाद बेहतर हो जाता है | हापकिन्स बहुत ही सावधानी से प्रयोग करते थे | इन्होने भोजन संबधी अनेक प्रयोग किये | सन 1912 में इन्होने “ साधारण भोजन में सहायक तत्वों के महत्व ” नामक शोधपत्र प्रकाशित किया | इस पत्र में इन्होने यह दर्शाया था कि सहायक तत्वों का भोजन में विशेष योगदान होता है | हापकिन्स (Sir Frederick Gowland Hopkins) ने विटामिनो का महत्व बताया और यह भी बताया कि विटामिनो की कमी से कौन कौन से रोग हो जाते है |

हापकिन्स (Sir Frederick Gowland Hopkins) ने बताया कि कि विटामिन A आँखों की रोशनी के लिए बहुत जरुरी है | विटामिन B की कमी से मसूड़े कमजोर हो जाते है और विटामिन D हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है | हापकिन्स को Father of Vitamins कहा जाता है | इन्होने इस बात को कभी भी स्वीकार नही किया | इन्हें आइजक मैन के साथ नोबेल पुरुस्कार प्रदान किया गया | सन 1914 में वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में जैव-रसायन विज्ञान के प्रोफेसर बने |

सन 1925 में इन्हें सर की उपाधि प्रदान की गयी | सन 1930 में वे रॉयल सोसाइटी के अध्यक्ष बने और सन 1933 में वे ब्रिटिश एसोसिएशन के अध्यक्ष बने | 16 मई 1947 में उनकी मृत्यु हो गयी | उस समय उनकी उम्र 86 वर्ष थी | हापकिन्स (Sir Frederick Gowland Hopkins) बड़े दयालु व्यक्ति थे | उनका व्यकित्त्व बहुत ही सुदृढ़ था | वो सभी को बहुत प्यार करते थे | भोजन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करने वाले , जीवन में स्वास्थ्य और प्रसन्नता देने वाले इस महान वैज्ञानिक को कभी भी भुलाया नही जा सकता है |

BiographyHindi.com के जरिये प्रसिद्ध लोगो की रोचक और प्रेरणादायक कहानियों को हम आप तक अपनी मातृभाषा हिंदी में पहुचाने का प्रयास कर रहे है | इस ब्लॉग के माध्यम से हम ना केवल भारत बल्कि विश्व के प्रेरणादायक व्यक्तियों की जीवनी से भी आपको रुबुरु करवा रहे है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here