Thomas Edison Biography in Hindi | थॉमस अल्वा एडिसन की जीवनी

Thomas Edison Biography in Hindi | थॉमस अल्वा एडिसन की जीवनी

Thomas Edison Biography in Hindi

थॉमस अल्वा एडिसन (Thomas Edison) महान अमेरिकी अविष्कारक एवं व्यवसायी थे | एडिसन (Thomas Edison) ने फ़ोनोंग्राफ एवं विद्युत बल्ब सहित अनेक युक्तिया विकसित की | भारी मात्रा में उत्पादन के सिद्धांत एवं विशाल टीम को लगाकर अन्वेषण कार्य को आजमाने वाले वह पहले वैज्ञानिक थे इसलिए एडिसन को ही प्रथम औद्योगिक प्रयोगशाला स्थापित करने का श्रेय जाता है | अमेरिका में अकेले 1093 पेटेंट कराने वाले एडिसन (Thomas Edison) विश्व के सबसे महान अविष्कारको में गिने जाते है |

एडिसन (Thomas Edison) का जन्म ओहोयो राज्य के मिलन नगर में 11 फरवरी 1847 को हुआ था | बचपन से ही एडिसन ने कुशाग्रता , जिज्ञासु प्रवृति और अध्यव्य्साय का परिचय दिया | छ वर्ष तक माता ने घर पर ही पढाया | सार्वजनिक विद्यालय में उनकी शिक्षा केवल तीन मास हुयी तो भी एडिसन ने ह्युम , सीअर , बटेन तथा गिबर के महान ग्रंथो एवं डिस्कवरी ऑफ़ साइंस का अध्ययन 10वे जन्मदिन तक पूर्ण कर लिया था | एडिसन (Thomas Edison) 12 वर्ष की आयु में फलो और समाचार-पत्रों के विक्रय का धंधा करके परिवार को प्रतिदिन एक डॉलर की सहायता देने लगे | वह रेल में पत्र छापते और वैज्ञानिक प्रयोग करते |

तार प्रेषण में निपुणता प्राप्त कर 20 वर्ष की उम्र तक एडिसन ने तार कर्मचारी के रूप में नौकरी की | जीविकोपार्जन से बचे समय में एडिसन प्रयोग और परीक्षण में लगाते थे | सन 1869 में एडिसन ने अपने सर्वप्रथम आविष्कार “विद्युत मतदान गणक” का पेटेंट कराया | नौकरी छोडकर प्रयोगशाला में आविष्कार करने का निश्चय कर निर्धन एडिसन ने अदम्य आत्मविश्वास का परिचय दिया | सन 1870-76 के बीच एडिसन (Thomas Edison) ने अनेक आविष्कार किये | एक ही तार पर चार छ संदेश अलग अलग भेजने की विधि खोजी ,स्टॉक एक्सचेंज के लिए तार छापने की स्वचालित मशीन को सुधरा और बेल टेलीफोन यंत्र का विकास किया |

थॉमस एडिसन (Thomas Edison) ने सन 1875 में साइंटिफिक अमेरिकन पत्रिका में “इथरीय बल” पर खोजपूर्ण लेख प्रकाशित किया | सन 1878 में फ़ोनोंग्राफ मशीन पेटेंट कराई | 21 अक्टूबर 1879 को एडिसन ने 40 घंटे से अधिक समय तक बिजली से जलनेवाला निर्वात बल्ब विश्व को भेंट किया | सन 1883 में एडिसन प्रभाव की खो की जो कालान्तर में वर्तमान रेडियो वाल्व का जन्मदाता सिद्ध हुआ | अगले 10 वर्षो में एडिसन ने प्रकाश , ऊष्मा और शक्ति के लिए विद्युत उत्पादन और वितरण प्रणाली के साधनों और विधियों पर प्रयोग किये |

एडिसन (Thomas Edison )ने भूमि के नीचे केबल के लिए विद्युत के तार को रबड़ और कपड़े में लपेटने की पद्धति खोजी | डायनामो और मोटर में सुधार  किये , यात्रियों और माल ढोने के लिए विद्युत रेलगाड़ी तथा चलते जहाज से संदेश भेजने और प्राप्त करने की विधि का आविष्कार किया | एडिसन ने क्षार संचायक बैटरी भी तैयार की | सन 1891 में चलचित्र कैमरा पेटेंट करवाया एवं इन चित्रों को प्रदर्शित करने के लिए किनैटोस्कोप का आविष्कार किया |

प्रथम विश्वयुद्ध में एडिसन (Thomas Edison) ने जलसेना सलाहकार बोर्ड का अध्यक्ष बनकर युद्धोपयोगी आविष्कार किये | पनामा पसिफ़िक प्रदर्शनी ने 21 अक्टूबर 1916 को एडिसन दिवस का आयोजन करके विश्व कल्याण के लिए सबसे अधिक अविष्कारों के इस सर्जक को सम्मानित किया | अनवरत कर्णशूल से पीड़ित रहने पर भी अल्प मनोरंजन , निरंतर परिचय , असीम धैर्य ,आश्चर्यजनक स्मरण शक्ति अरु अनुपम कल्पना शक्ति द्वारा एडिसन (Thomas Edison) ने इतनी सफलता पाई | मृत्यु को भी उन्होंने गुरुतर प्रयोगों के लिए प्रयोगशाला के पदार्पण समझा | “मैंने अपना जीवन कार्य पूर्ण किया | अब मै दुसरे प्रयोग के लिए तैयार हु ” इस भावना के साथ विश्व की इस महान उपकारक विभूति ने 18 अक्टूबर 1931 को साँस ली |

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