Vijay Hazare Biography in Hindi | विजय हजारे की जीवनी

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Vijay Hazare Biography in Hindi
Vijay Hazare Biography in Hindi

विजय हजारे (Vijay Hazare) एक जाने माने क्रिकेट खिलाड़ी थे जो 11 मार्च 1915 ई. को पैदा हुए थे | उन्होंने महाराष्ट्र की तरफ से रणजी ट्राफी में 18 वर्ष की उम्र में हिस्सा लिया था | इन्हें एक सुरक्षात्मक बल्लेबाज की संज्ञा दी जा सकती है | इंग्लैंड में लोगो की धारणा थी कि “जो स्थान ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट में ब्रेडमैन को प्राप्त है इंग्लैंड में ग्रेस को प्राप्त है वही स्थान भारतीय क्रिकेट में हजारे को मिलना चाहिए” | विजय हजारे रोमन कैथोलिक परिवार में पैदा हुए थे | उन्होंने बल्लेबाजी में 2000 से अधिक रन बनाने के साथ साथ गेंदबाजी में 20 विकेट अपने नाम किये | इससे भी बढकर गौरवशाली बात यह है कि भारत ने सबसे पहले उन्ही के नेतृत्व में अपनी पहली टेस्ट विजय प्राप्त की थी |

हजारे (Vijay Hazare) को टेस्ट क्रिकेट में प्रवेश के लिए लम्बा इन्तजार करना पड़ा | इस दौरान छिड़े विश्वयुद्ध के कारण उनके क्रिकेट करियर के दस बेहतरीन वर्ष बर्बाद हुए परन्तु आखिरकार 1946 ई. में इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें मौका मिल ही गया इससे पहले 1937-38 ई. में इंग्लैंड की लार्ड टेनिस की टीम के खिलाफ तीन अनाधिकृत टेस्टों में , 1945 ई. में ऑस्ट्रेलियाई सर्विसेज के खिलाफ तीन टेस्टों में ओर पहली एवं तीसरी राष्ट्रमंडल टीमो के खिलाफ भी कुल मिलाकर 17 अनाधिकृत टेस्टों में खेले | इंग्लैंड के खिलाफ हजारे ने पहले टेस्ट में क्रमश: 31 एवं 34 रन ही नही बनाये थे बल्कि दो विकेट भी लिए थे |

हजारे द्वारा एडीलेड ओवेल में सबसे यादगार पारी खेली गयी | भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1946-47 की श्रुंखला का चौथा टेस्ट यही खेला था | इस टेस्ट मैच में भारत की के पारी तथा 16 रन से हार हुयी पंरतु हजारे ने दोनों पारियों में शतक (क्रमश: 116 और 145 रन) बनाकर कंगारुओ के उस देश में अपने हजारो प्रशंशक बना लिए थे | हजारे ही एक ऐसे बल्लेबाज थे जो लिंडवाने तथा कीथमिलर जैसे गेंदबाजों के सामने टिक सकते थे |

ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी डॉन ब्रेडमैन कर रहे थे | ऑस्ट्रेलिया ने अपनी प्रथम पारी में 674 रन का विशाल स्कोर अर्जित किया था | दुसरी तरफ भारतीय टीम पाँच विकेट पर मात्र 133 रन ही बना सकी थी | ऐसे में फड़कर के साथ हजारे ने 188 रन की मैराथन सांझेदारी निभाई किन्तु पुरी भारतीय टीम 381 पर ही बिखर गयी | दुसरी पारी में हजारे एकमात्र प्रतिरोध के रूप में उभरे और भारतीय टीम 277 रन पर आउट हुयी | भारत में दोनों पारियों में शतक बनाने का श्रेय हजारे को ही दिया जाता है |

हजारे (Vijay Hazare) के आलोचको के अनुसार वे बहुत धीमी गति से खेलने वाले खिलाड़ी थे | 1951-52 ई. में उन्होंने पहले दोनों टेस्टों में शतक बनाया लेकिन अत्यंत धीमी रफ्तार से | अपने जीवन का सर्वोच्च स्कोर 164 बनाने में उन्हें 8 घंटे 35 मिनट लगे तो मुम्बई टेस्ट में 155 रन पांच घंटे में | वह तेज भी खेले लेकिन अपवादस्वरूप 1946-47 ई.  में होल्कर के खिलाफ बडौदा के तरफ से खेलते हुए उन्हें 288 रन बनाने में मात्र 140 मिनट का समय लगा था | कुछ खेल समीक्षक उनके इस खेल को नीरस कहने से भी बाज नही आते थे परन्तु कुल मिलाकर उनकी तकनीक पर किसी ने उंगली उठाने की हिमाकत नही की |

हजारे (Vijay Hazare) सरल और शर्मीले स्वभाव के थे जिसके वजह से वे कप्तान होने के बावजूद भी अधिक चर्चित नही थे | भारत ने पहली टेस्ट विजय उन्ही की कप्तानी में हासिल की | यद्यपि इस विजय का श्रेय वीनू मांकड और गुलाम अहमद की उम्दा स्पिन गेंदबाजी को है परन्तु कप्तान के रूप उनकी भूमिका अहम थी | विजय हजारे ने अपने क्रिकेट जीवन में ढेर सरे कीर्तिमान स्थापित किये थे | 1946-47 ई. में बडौदा की ओर से होल्कर के खिलाफ गुल मुहम्मद के साथ चौथी विकेट की साझेदारी में 577 रन जोड़े जो विश्व रिकॉर्ड है | इसके साथ नौवी विकेट हेतु नागरवाला के संग 245 तन के रिकॉर्ड को भारत की तरफ से अहम माना जाता है उन्होंने कुल 59 शतक भी बनाये |

सन 1952 की टेस्ट श्रुंखला के अंतर्गत इंग्लैंड के विरुद्ध पहले टेस्ट के दौरान चौथे विकेट हेतु 222 रन , ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1947-48 ई. में फड़कर के साथ एडीलेड टेस्ट में 6वी विकेट के लिए 188 रन और पाकिस्तान के खिलाफ 1952-53 में उमरीगर के साथ छठे विकेट हेतु 177 रन बनाये | विजय हजारे (Vijay Hazare) की 18 दिसम्बर 2004 को मृत्यु हो गयी | ऐसे तो क्रिकेट प्रतियोगिता में हजारो की संख्या में खिलाड़ी अपनी ख्यातिया तथा रिकॉर्ड हासिल कर चुके है परन्तु भारतीय क्रिकेट में इन्हें एक महान खिलाड़ी के रूप में सदा याद किया जायेगा |

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