डा.विक्रम साराभाई की जीवनी | Vikram Sarabhai Biography in Hindi

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डा.विक्रम साराभाई की जीवनी | Vikram Sarabhai Biography in Hindi
डा.विक्रम साराभाई की जीवनी | Vikram Sarabhai Biography in Hindi

विक्रम साराभाई (Vikram Sarabhai) को यदि भारत के अन्तरिक्ष कार्यक्रमों का जनक कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी | एक महान वैज्ञानिक ही नही अपितु समाजसेवी भी थे | आज भारतीय दूरदर्शन की समूची कार्यप्रणाली अन्तरिक्ष विज्ञान पर आधारित है | दूरदर्शन को अन्तरिक्ष से जोड़ने का जो कार्य विक्रम साराभाई (Vikram Sarabhai) ने किया उसके लिए वो सदैव स्मरणीय रहेंगे |

डा.विक्रम साराभाई (Vikram Sarabhai) का जन्म 12 अगस्त 1919 को गुजरात में हुआ था | उनके पिता अम्बालाल साराभाई एक प्रसिद्ध व्यवसायी थे | अपनी प्रारम्भिक शिक्षा घर पर प्राप्त करने के साथ ही उन्होंने बागवानी ,तकनीकी ,भाषा ,विज्ञान , नृत्य ,संगीत ,चित्रकला फोटोग्राफी आदि की शिक्षा भी विशिष्ट रूप से प्राप्त की | डा.साराभाई (Vikram Sarabhai) ने अहमदाबाद कॉलेज से उच्च शिक्षा ग्रहण करने के उपरान्त सेंट जोन्स कॉलेज कैम्ब्रिज से 1939 में प्राकृतिक विज्ञान में परीक्षा उतीर्ण की |

भारत लौटने पर वे चंद्रशेखर वेंकटरमन तथा होमी जहांगीर भाभा के साथ अन्तरिक्ष विज्ञान पर कार्य करते रहे | उनका विवाह प्रसिद्ध नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई से हुआ ,जिनसे इकलौती पुत्री मल्लिका साराभाई का जन्म हुआ | वह भी एक कुशल नृत्यांगना होने के साथ साथ अभिनय के क्षेत्र में अपना विशेष स्थान रखती है | सन 1942 में अन्तरिक्ष किरणों की तीव्रता एवं परिवर्तन पर शोधपत्र प्रस्तुत किया | 1945 में पुन: कैब्रिज गये |

1947 में PHd पुरी कर केवेन्दिश तथा कैम्बिज प्रयोगशाळा ममे शोधकार्य किया | तत्पश्चात बाह्य और आंतरिक अन्तरिक्ष अध्ययन हेतु अहमदाबाद में भौतिकी अनुसन्धान प्रयोगशाला स्थापित की | निदेशक के रूप में 1965 तक वहा की प्रयोगशाला में अन्तरिक्ष कार्यक्रम को गति प्रदान की | 1955 में कश्मीर के गुलमर्ग ,तिरुवनंतपुरम तथा कोडाईकनाल में भी अन्तरिक्ष अध्ययन केंद्र स्थापित किये | अन्तरिक्ष अनुसन्धान संघठन के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने रोहिणी मेनका तथा 1975 में आर्यभट नामक उपग्रह प्रक्षेपित किया |

साराभाई (Vikram Sarabhai) ने पृथ्वी तथा सूर्य के वायुमंडलीय चुम्बकत्त्व ,सूर्य की स्थिति आदि से संबधित शोध कार्य किये | उन्होंने गुजरात तथा देश के अन्य क्षेत्रो में अनेक उद्योग स्थापित किये , जिनमे साराभाई इंजीनियरिंग , रिसर्च सेण्टर ,ऑपरेशन रिसर्च ग्रुप ,औषधि निर्माण केंद्र आदि है | वे अन्तरिक्ष परमाणु उर्जा एजेंसी के जनरल कांफ्रेंस में अध्यक्ष भी रहे | उन्हें शान्तिस्वरूप भटनागर पुरुस्कार तथा पद्मभूषण से भी सम्मानित किया गया | डा.साराभाई (Vikram Sarabhai) 30 दिसम्बर 1971 को पंचतत्व में विलीन हो गये |

डा.साराभाई (Vikram Sarabhai) को अन्तरिक्ष अनुसन्धान कार्यक्रमों का जनक एवं सूत्रधार कहा जाता है | उन्होंने वैज्ञानिक उपलब्धियों को गाँव ,  समाज एवं देश हित में लगाने अक सदैव विचार किया था | आज भारत की 70 प्रतिशत से भी अधिक गाँव की आबादी अपने घरो में दूरदर्शन सेवा का लाभ उठा रही है | इसका पूरा श्रेय साराभाई (Vikram Sarabhai) को जाता है | दूरदर्शन के माध्यम से शिक्षा ,कृषि ,विकास ,मनोरंजन ,खेल ,चिकित्सा ,सामाजिक सुधार आदि सभी क्षेत्रो में ग्रामीण लाभान्वित हो रहे है | उसके पीछे सारा श्रम साराभाई (Vikram Sarabhai) का ही है | भारतीय संस्कृति से उनका लगाव काफी गहरा था | थुम्बा राकेट प्रक्षेपण के समय उनका आकस्मिक निधन हो गया | उनके कार्य आने वाले युवा वैज्ञानिकों को प्रेरणा देते रहेंगे |

विक्रम साराभाई का जीवन एक नजर में | Vikram Sarabhai Facts in Hindi

पूरा नाम विक्रम अम्बालाल साराभाई
जन्म तारीख 12 अगस्त 1919
जन्म स्थान अहमदाबाद
मृत्यु 30 दिसम्बर 1971 (आयु 52)
मृत्य स्थान हेलिसन कैसल, कोवलम ,तिरुवनंतपुरम
राष्ट्रीयता भारतीय
शिक्षा गुजरात कॉलेज ,कम्ब्रिज यूनिवर्सिटी
प्रसिद्धि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक
भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद
पिता अम्बालाल साराभाई
माता सरला देवी
पत्नी मृणालिनी साराभाई
पुत्री मल्लिका साराभाई
पुत्री कार्तिकेय साराभाई
पुरुस्कार पद्मभूषण (1966)
पद्मविभूषण (मरणोपरांत) (1972)
वैज्ञानिक जीवन
कार्यक्षेत्र भौतिक विज्ञान
संस्थान जहा पढाया भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला
डॉक्टरेट सलाहकार सी.वी.रमन
डाक्टरल विद्यार्थी उडुपी रामचन्द्र राव

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