Atal Bihari Vajpayee Biography in Hindi | अटल बिहारी वाजपयी की जीवनी

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Atal Bihari Vajpayee Biography in Hindi | अटल बिहारी वाजपयी की जीवनी
Atal Bihari Vajpayee Biography in Hindi | अटल बिहारी वाजपयी की जीवनी

अटल बिहारी वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) भारतीय जनता पार्टी के मुख्य नेता और भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री थे | वो एक ऐसे व्यक्ति थे जिनकी बेबाक आवाज़ के आगे कोई भी राजनेता नहीं टिक पाया था | उनके शाषन में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को बहुत उचाइयो तक पहुचाया था | आइये मित्रो आज आपको उनकी जीवनी से अवगत करवाते है |

Early Life of Atal Bihari Vajpayee अटल बिहारी वाजपयी का प्रारम्भिक जीवन

अटल बिहारी वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ था | उनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी और माता का नाम कृष्णा देवी था | उनके दादाजी पंडित श्याम लाल वाजपयी उनके पैतृक गाँव बटेश्वर ,उत्तर प्रदेश से ग्वालियर में बस गये थे | उनके पिता कृष्णा बिहारी वाजपयी एक कवि और मोरेना गाँव की स्कूल के प्रधानाध्यापक थे | वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) की प्रारभिक शिक्षा गोरखी गाँव में हुयी थी और उसके बाद विक्टोरिया कॉलेज से उन्होंने स्नातक डिग्री प्राप्त की | इसके बाद कानपुर के दयानन्द कॉलेज से उन्होंने राजनीति विज्ञानं में स्नाक्तोक्तर की उपाधि प्राप्त की |

Atal Bihari Vajpayee Joined RSS

सबसे पहले उनको आर्य समाज के युवा वर्ग का सचिव चुना गया और उसके बाद उन्होंने 1939 में बाबासाहब आप्टे से प्रभावित होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गये | 1947 में Atal Bihari Vajpayee को RSS का प्रचारक बना दिया गया | उन्होंने उत्तर प्रदेश से प्रचारक का कार्य शुरू किया और जल्द ही स्थानीय अखबारों और पत्रिकाओ [पान्जच्यं] में उनका नाम आने लगा | उन्होंने बिना शादी किये निस्वार्थ भाव से पूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया |

Atal Bihari Vajpayee Entered into Politics

अटल बिहारी वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) का राजनीति में पहली बार पदार्पण अगस्त 1942 में हुआ जब वो और उनके बड़े भाई को भारत छोड़ो आन्दोलन के तहत 23 दिनों के लिए गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन बाद में उनको छोड़ दिया गया | 1951 में  दीन दयाल उपाध्याय के साथ मिलकर RSS ने हिन्दू राजीनीतिक पार्टी “भारतीय जनता संघ ” का निर्माण किया |इस पार्टी में उनको उत्तरी प्रभाग का राष्टीय सचिव चुना गया | Atal Bihari Vajpayee जल्द जी पार्टी के नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ जुड़ गये और कश्मीर से जुडी समस्या में भूख हड़ताल में जेल गये | इस भूख हड़ताल में  श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत हो गयी | 1957 को लोकसभा चुनाव में वो मथुरा के राजा महेंद्र प्रताप से हार गये | उनकी वाक्पटुता से जवाहर लाल नेहरु इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अटल बिहारी वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) को भविष्य का प्रधानमंत्री बना दिया

Atal Bihari Vajpayee as President of Jan Sangh

1968 में दीन दयाल उपाध्याय की मौत के बाद उनको जन संघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया | 197 से 1977 तक वाजपयी को कई बार विरोशी दलों ने गिरफ्तार करवाया | 1977 में वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) ने जयप्रकाश नारायण के साथ मिलकर जन संघ को जनता पार्टी में मिला दिया और चुनावो में जनता पार्टी की पहली जीत हुई और उनको मोरारजी देसाई के कैबिनेट में विदेश मंत्री बनाया गया | उसके बाद पहली बार सयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देने वाले पहले मंत्री बने | अब वो एक सम्मानित राजनेता और बेबाक वक्ता के रूप में प्रसिद्ध हो गये |

मोरारजी देसाई के 1979 में इस्तीफ़ा देने के बाद जनता पार्टी खत्म होने लगी और जन संघ ने इसका फायदा उठाया | वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) ने उनके भारतीय जन संघ और RSS के मित्रो के साथ मिलकर 1980 में भारतीय जनता पार्टी का निर्माण किया |  वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) भारतीय जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष बने | 1984 में इंदिरा गांधी के हत्या की हत्या हो गयी और चुनावो में उनको 2 सीटे मिली और वाजपयी (Atal Bihari Vajapayee ) भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता बनकर उभरे | इसके बाद राम जन्म भूमि विवाद में BJP जमकर सामने आयी और उन्होंने VHP और RSS के साथ मिलकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण बनाने की बात कही |

Atal Bihari Vajpayee Became Prime Minister

1995 में गुजरात और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावो में BJP की जीत हुई और BJP एक भारत में एक बड़ी पार्टी बनकर सामने आयी |1995 में BJP सभा में लाल कृष्ण आडवाणी ने वाजपयी को प्रधानमंत्री बनाने की बात  कही |1996 के लोकसभा चुनावो में BJP जीत गयी और Atal Bihari Vajpayee वाजपयी को 1996 से 2004 के बीच तीन बार प्रधानमंत्री की शपथ ली | पहली बार 1996 में भारत का 10वा प्रधानमंत्री चुना गया लेकिन बहुमत के आभाव में उन्होंने 13 दिनों की सरकार के बाद इस्तीफ़ा दे दिया |

1998 में लोकसभा भंग होने पर फिर से चुनाव हुए और BJP फिर से बड़ी पार्टी बनकर उभरी | इस बार भी Atal Bihari Vajpayee वाजपयी को प्रधानमंत्री चुना गया | उनके इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने “ऑपरेशन शक्ति ” चलाया जिसमे पोखरन में परमाणु बम परीक्षण किया गया ताकि विश्व को भारत की शक्ति पता चल सके | इसके अलावा उन्होंने 1999 में दिल्ली से लाहौर के बीच बस सेवा प्रारभ की | 1999 में कारगिल वॉर छिड गया और वाजपयी ने ऑपरेशन विजय चलाकर भारतीय सैनिको की मदद से विजय प्राप्त की | इस तीन महीनों तक चले युद्ध में भारत के 500 सैनिक और पाकिस्तान के लगभग 1000 से ज्यादा सैनिक मारे गये |13 महीनों की सरकार चलाने के बाद एक बार फिर AIDMK का साथ छोड़ने की वजह से लोकसभा भंग हो गयी और फिर से चुनाव हुए |

1999 में फिर से चुनाव हुए और इस बार BJP को 543 में से 303 सीट मिली और इस बार उन्होंने बहुमत के साथ बिजय प्राप्त की और तीसरी बार Atal Bihari Vajpayee अटल बिहारी वाजपयी प्रधानमंत्री बने | उनके इस कार्यकाल के दौरान कई घटनाये हुई | पहली घटना 1999 में इंडियन एयरलाइन हाईजैक हुआ जो काठमांडू से दिल्ली आ रहा था और 5 आतंकवादियों ने कई मांगे की और सरकार को दबाव के चलते उनकी मांगो को मानना पड़ा |इसके अलावा 2001 में वाजपयी अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बुश से मिले थे | उनके द्वारा शूरू की गयी स्वर्ण चतुर्भुज योजना ने चार महानगरो को आपस में जोडकर इतिहास रचा और आज भी हम उनके इस कार्य के आभारी है | सन 2001 में उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान चलाया और प्राथमिक स्कूलों की गुन्न्वत्ता में सुधार किया |उनके कार्यकाल में 13 दिसम्बर 2001 में संसद पर हमला हुआ था और 2002 में गुजरात में दंगे हुए थे जिसमे 1000 से भी ज्यादा लोग मारे गये |

2003 में उनका कार्यकाल खत्म हो गया और 2004  के चुनावो में NDA ने चुनाव जीता | 2005 में Atal Bihari Vajpayee अटल बिहारी वाजपयी ने उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया | वो अपनी कविताओ के लिए बहुत प्रसिद्ध रहे और उन्होंने कई किताबे लिखी |2009 में बीमारी के कारण उनका बोलना बंद हो गया | 2015 में उनको भारत के सबसे बड़े पुरस्कार भारत रत्न से नवाजा गया |

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