Banda Singh Bahadur Biography in Hindi | सिक्ख योद्धा बन्दा सिंह बहादुर की जीवनी

0
366
Banda Singh Bahadur Biography in Hindi
Banda Singh Bahadur Biography in Hindi

प्रसिद्ध सिक्ख सैनिक और राजनितिक नेता बन्दा सिंह बहादुर (Banda Singh Bahadur) का जन्म 1670 ईस्वी में कश्मीर के पूंछ जिले के राजौरी क्षेत्र में रक राजपूत परिवार में हुआ था | उसका बचपन का नाम लक्ष्मण देव था | 15 वर्ष की उम्र में वह एक वैरागी शिष्य बना और उसका नाम माधोदास हो गया | कुछ समय तक पंचवटी (नासिक) में रहने के बाद दक्षिण की ओर चला गया और उसने आश्रम की स्थापना की | 1708 ईस्वी में सिक्खों के दसवे गुरु गोविन्द सिंह ने इस आश्रम को देखा |

गुरु गोविन्द सिंह ने माधोदास को सिक्ख धर्म में दीक्षित किया और उसका नाम बन्दा सिंह (Banda Singh Bahadur) रख दिया | गुरु गोविन्द सिंह जी के सात और नौ वर्ष के बच्चो की जब सरहिंद के फौजदार वजीर खां ने क्रूरता से हत्या कर डाली तो बन्दा सिंह पर इसकी बड़ी तीव्र प्रतिक्रिया हुयी | उसने वजीर खा से बदला लेना अपना मुख्य कर्तव्य मान लिया | उसने पंजाब आकर बड़ी संख्या में सिक्खों को संघठित किया और सरहिंद पर कब्जा करके वजीर खा को मार डाला |

बन्दा सिंह (Banda Singh Bahadur) ने यमुना और सतलज के प्रदेश को अपने अधिकार में लेकर लोहगढ़ का मजबूत किला बनवाया और सिक्ख राज्य की स्थापना की | खालसा के नाम से शासन करते हुए उसने गुरुओ के नाम से सिक्के चलवाए |बन्दा का राज्य थोड़े दिन चला था कि बहादुरशाह प्रथम (1707-12) ने आक्रमण करके लोहगढ़ पर कब्जा कर लिया | उसकी मृत्यु तक बन्दा और उसके साथी अज्ञातवास में रहे | बाद में उन्होंने फिर अपना किला जीत लिया था | किन्तु 1715 में मुगल सेना ने उस स्थान को घेर लिया जहा बन्दा और उसके साथी थे |

कई माह की घेराबंदी के बाद खाद्य सामग्री के अभाव के कारण उन लोगो को आत्म-समर्पण करने के लिए बाध्य होना पड़ा | फरवरी 1716 में बन्दा और उसके 794 साथी दिल्ली लाये गये | उन्हें अमानुषिक यातनाये दी गयी | प्रतिदिन 100 की संख्या में सिक्ख फांसी पर लटकाए गये | बन्दा के सामने उसके पुत्र को मार डाला गया | फर्रुखसियर के आदेश पर बन्दा सिंह (Banda Singh Bahadur) के शरीर को गर्म चिमटो से नुच्वाया गया और फिर हाथी से कुचलवा कर उसे मार डाला गया | यह घटना 16 जून 1716 को हुयी थी |

BiographyHindi.com के जरिये प्रसिद्ध लोगो की रोचक और प्रेरणादायक कहानियों को हम आप तक अपनी मातृभाषा हिंदी में पहुचाने का प्रयास कर रहे है | इस ब्लॉग के माध्यम से हम ना केवल भारत बल्कि विश्व के प्रेरणादायक व्यक्तियों की जीवनी से भी आपको रुबुरु करवा रहे है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here