पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की जीवनी | Chandra Shekhar Biography in Hindi

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पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की जीवनी | Chandra Shekhar Biography in Hindi
पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की जीवनी | Chandra Shekhar Biography in Hindi

चंद्रशेखर (Chandra Shekhar ) का जन्म 01 जुलाई 1927 को पूर्वी उत्तर प्रदेश के इब्राहिमपट्टी नामक गाँव के एक किसान परिवार में हुआ था | 1951 में उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राजनीती विज्ञान में स्नाकोत्तर उपाधि प्राप्त के | चंद्रशेखर कॉलेजों की डिबेटिंग सोसायटियो में भी बढ़-चढकर भाग लेते थे | उनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि ये नेपोलियन की तरह अपने अधिकाँश कार्यकर्ताओं को उनके नाम से बुलाया करते थे |

चन्द्रशेखर (Chandra Shekhar) ने अपना राजनितिक जीवन उत्तर प्रदेश की सोशलिस्ट पार्टी से शुरू किया | कुछ ही दिनों में ये प्रदेश युवा सोशलिस्ट पार्टी के सयुक्त सचिव बना दिए गये | इनकी क्षमताओं को देखते हुए 1962 में इन्हें राज्यसभा का सदस्य बना दिया गया | बलिया से कई बार लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए | एक सांसद के रूप में इन्होने वंचितों और दलितों के कल्याण के लिए खूब काम किये | इनके भाषण बहुत ही प्रभावशाली एवं तार्किक होते थे |

इसलिए उस समय के उम्रदराज नेता भी उनकी बात को ध्यान से सुनते थे | कहा जाता है कि ये संसद में जब बोलने के लिए खड़े होते थे पूरा सदन उनको बड़े गौर से सुनता था | संसद में अपनी बेबाक शैली की बदौलत ही 1995 में उन्हें सर्वश्रेष्ट सांसद चुना गया | आपाताकाल के दौरान अन्य राजनेताओं की तरह उन्हें भी जेल में डाल दिया गया | इन्होने अपने जेल जीवन के अनुभवो पर आधारित एक डायरी लिखी जो “मेरी जेल डायरी” के नाम से प्रसिद्ध हुयी |

1984 में इन्होने पुरे देश की पैदल यात्रा की | जो राजनितिक हल्कों में काफी चर्चित रही | प्रधानमंत्री पद से विश्वनाथ प्रताप सिंह के इस्तीफे के बाद जब जनता दल का विभाजन हो गया तो देश के सामने नेतृत्व संकट खड़ा हो गया | उस समय देश की कानून व्यवस्था पतली हटी | जगह जगह छात्र मंडल कमीशन की मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे | आग में घी डालने का काम किया आडवाणी की रथयात्रा ने | ऐसी अराजक स्थिति में राजीव गांधी चाहते थे कि जल्दी चुनाव हो | समय की नजाकत को देखते हुए चंद्रशेखर ने कांग्रेस के समर्थन से अपना दावा पेश किया | इस प्रकार सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत चंद्रशेखर के साथ हो गया और ये प्रधानमंत्री चुन लिए गये |

चन्द्रशेखर (Chandra Shekhar) एक ऐसे बिरले प्रधानमंत्री थे को कभी भी मंत्री नही रहे और सीधे प्रधानमंत्री बने | लेकिन जल्द ही कांग्रेस से उनके मतभेद हो गये | 10 मार्च 1991 को कांग्रेस ने जनता दल से अपना समर्थन वापस ले लिया | नतीजन चंद्रशेखर को इस्तीफ़ा देना पड़ा | इस तरह बहुत कम अवधि के लिए प्रधानमंत्री रहे | इस अल्पावधि में इनकी कोई ख़ास उपलब्धि तो नही रही लेकिन सक्रिय जरुर रहे | हा यह बहुत कम लोगो को मालुम होगा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आर्थिक सलाहकार बनाने वाल चंद्रशेखर (Chandra Shekhar) ही थे | उच्च विचारों के धनी चंद्रशेखर का 8 जुलाई 2007 को लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया |

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